फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चालक और प्वाइंटमैन में मारपीट, डेढ़ घंटे खड़ी रही ट्रेन

विज्ञापन
फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर इंजन के अंदर चालक व प्वाइंट मैन में होती मारपीट। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। लखनऊ से कासगंज जा रही पैसेंजर ट्रेन के चालक और प्वाइंट मैन में इंजन के अंदर मारपीट हो गई। इससे करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेन स्टेशन पर ही खड़ी रही। अफसरों के निर्देश पर दूसरे स्टाफ से ट्रेन रवाना की गई। चालक और प्वाइंट मैन की ओर से जीआरपी में दी गई तहरीर उच्चाधिकारियों के दबाव में वापस ले ली गई। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन

लखनऊ से कासगंज जा रही 05379 पैसेंजर ट्रेन निर्धारित समय से 15 मिनट पहले साढ़े 11 बजे स्थानीय स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची। छूटने के समय 11:50 बजे सिग्नल हो गया। प्वाइंट मैन यादवेंद्र सिंह ट्रेन के चालक मान सिंह को मेमो रिसीव कराने पहुंचा। चालक ने ट्रेन के ब्रेक खराब होने की बात कही। उसने कहा कि ब्रेक खराब हैं, वह ट्रेन आगे नहीं बढ़ा सकते। इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी, तो स्टेशन मास्टर ने सिग्नल वापस करने के लिए कह दिया। इसी समय प्वाइंट मैन और चालक में विवाद हो गया। बात बढ़ी तो प्वाइंट मैन इंजन पर चढ़ गया और स्टेशन मास्टर के कमरे के सामने दोनों में मारपीट होने लगी।
रेल कर्मियों में मारपीट होते देख तमाम लोग एकत्रित हो गए। कुछ ही देर में आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और दोनों को थाने ले आए। घटना के समय सहायक चालक अभिषेक सोलंकी लोको इंस्पेक्टर योगेश कुमार के साथ ब्रेक न लगने वाले डिब्बों को देखने चले गए थे। प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन के तमाम यात्री नीचे उतर आए। उन्होंने ट्रेन चलाने का दबाव बनाया। दोनों पक्षों में विवाद बढ़ता देख रेलवे कंट्रोल ने ट्रेन को दूसरे स्टाफ से भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद करीब 1:33 घंटे बाद ट्रेन को कासगंज की ओर रवाना किया गया। दोपहर करीब दो बजे पहले चालक, फिर प्वाइंट मैन ने जीआरपी थाने में तहरीर दे दी।
विज्ञापन

मुकदमे से बचाने के लिए इज्जतनगर से दोनों विभागों के अफसरों ने तहरीर वापस लेने का दबाव बनाया। स्टेशन अधीक्षक योगेंद्र कुमार शाक्य की मौजूदगी में दोनों ने तहरीर वापस ले ली। इज्जतनगर डीआरएम के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इंजन पर चढ़ गया था प्वाइंट मैन
नियमानुसार प्वाइंट मैन ट्रेन के चालक को मेमो नीचे से ही रिसाव करवा देता है। जब विवाद हुआ तो गुस्से में प्वाइंट मैन इंजन पर चढ़ गया। इसी पर दोनों में मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में यदि चालू इंजन में कुछ तकनीकी बटन दब जाती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
मथुरा-बरेली के ट्रेन छूटने से परेशान रहे लोग
इस ट्रेन पर तमाम यात्री मथुरा और बरेली की ओर जाने के लिए सवार थे। कई यात्रियों ने कहा कि यह ट्रेन पहुंचती है तो मथुरा और बरेली की ओर जाने वाली ट्रेन खड़ी मिलती है। अब उनकी ट्रेन छूटने से बड़ी दिक्कत होगी।
एसएम को मेमो, कंट्रोल को दे दी थी सूचना: चालक
ट्रेन के चालक मान सिंह ने बताया कि चार डिब्बों में ब्रेक नहीं लग रहे थे। 85 प्रतिशत से नीचे ब्रेक होने पर ट्रेन को नहीं चलाया जा सकता। खुदागंज में ब्रेक 66 फीसदी रहने पर स्टेशन मास्टर को मेमो देकर कंट्रोल को सूचना दे दी थी। वहां से फर्रुखाबाद तक ले जाकर सही कराने के लिए कहा गया था। यहां भी ब्रेक ठीक न होने की जानकारी दे दी थी, मगर ट्रेन रवाना करने का सिग्नल दे दिया गया। प्वाइंट मैन ने मेमो रिसीव करने का दबाव बनाया। यदि ट्रेन ले जाते तो हादसा हो सकता था। उन्होंने मना किया तो प्वाइंट मैन इंजन पर चढ़कर मारपीट करने लगा। इससे चोटें आईं।
चालक ने सिर में मार दिया था डंडा: प्वाइंट मैन
प्वाइंट मैन यादवेंद्र सिंह ने कहा कि स्टेशन मास्टर ने मेमो दिया तो उन्हें रिसीव कराना ही था। जब मेमो रिसीव करने के लिए कहा तो चालक ने गालियां दे दीं। गाली न देने के लिए कहा तो उसने सिर में डंडा मार दिया। इससे उसके चोट आई। चालक ने इंजन पर उसे खींच लिया था। उसने चालक से मारपीट नहीं की।
‘चालक और प्वाइंट मैन में मारपीट हुई है। दोनों ने खुद ही तहरीर वापस ली है। उच्चाधिकारियों को पूरा मामला बता दिया है। आगे की कार्रवाई वहीं से होगी। कैरिज विभाग ने इंजन को चेक कर उसके सही होने की रिपोर्ट दे दी थी। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया।’
- योगेंद्र कुमार शाक्य, स्टेशन अधीक्षक, फर्रुखाबाद।
‘चालक और प्वाइंट मैन ने मारपीट की तहरीर दी थी। कुछ ही देर में दोनों ने अपनी तहरीरें वापस ले लीं।’
- चमन गोस्वामी, जीआरपी इंस्पेेक्टर।
इंजन पर चढ़ गया था प्वाइंटमैन
फर्रुखाबाद। कहासुनी होने पर प्वाइंटमैन गुस्से में इंजन पर चढ़ गया था। इसी पर चालक की उससे मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान इंजन चालू थ। शुक्र है कोई बटन नहीं दबा। बटन दबने पर हादसा भी हो सकता था।
इस ट्रेन पर तमाम यात्री मथुरा और बरेली की ओर जाने के लिए सवार थे। कई यात्रियों ने कहा कि यह ट्रेन पहुंचती है, तो मथुरा और बरेली की ओर जाने वाली ट्रेन खड़ी मिलती है। अब उनकी ट्रेन छूटने से बड़ी दिक्कत होगी।
चालक बोला, एसएम, कंट्रोल को दी थी सूचना
ट्रेन के चालक मान सिंह ने बताया कि चार डिब्बों में ब्रेक नहीं लग रहे थे। 85 प्रतिशत से नीचे ब्रेक होने पर ट्रेन को नहीं चलाया जा सकता। खुदागंज में ब्रेक 66 फीसदी रहने पर स्टेशन मास्टर को मेमो देकर कंट्रोल को सूचना दे दी थी। वहां से फर्रुखाबाद तक ले जाकर सही कराने को कहा था। यहां भी ब्रेक ठीक न होने की जानकारी दे दी थी, मगर उसकी ट्रेन रवाना करने को सिग्नल दे दिया गया। प्वाइंटमैन ने मेमो रिसीव कराने का दबाव बनाया। यदि ट्रेन ले जाते, तो हादसा हो सकता था। उन्होंने मना किया, तो प्वाइंट मैन इंजन पर चढ़कर मारपीट करने लगा। इससे उसके चोटें आईं।
चालक ने सिर में मार दिया था डंडा: प्वाइंट मैन
स्टेशन मास्टर ने मेमो दिया, तो उन्हें रिसीव कराना ही था। जब मेमो रिसीव करने को कहा तो चालक ने गालियां दे दीं। गाली न देनों को कहा, तो उसने सिर में डंडा मार दिया। इससे उसके चोट आई। चालक ने इंजन पर उसे खींच लिया था। उसने चालक से मारपीट नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें