फर्रुखाबाद। बर्फीली हवाओं से बढ़ी ठिठुरन से लोग बेहाल हैं। कुछ देर दिखी धूप भी लोगों को राहत नहीं दे सकी। अस्पतालों में भर्ती मरीज घरों से लाए कंबलों और रजाई से रातें काट रहे हैं। गलन की वजह से शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
बुधवार सुबह से ही आसमान में घने बादल, कोहरा और बर्फीली हवाओं से जनजीवन प्रभावित हो गया। सड़कों पर वाहन धीमी गति से चले। ठिठुरन होने से दोपहिया वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई।
कुछ देर में ही शरीर सुन्न पड़ने से लोग परेशान हैं। शाम होते ही लोग घरों में दुबकने पर मजबूर हो गए। बाजारों में रौनक नहीं रही। ठिठुरन की वजह से खेती-किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है।
कस्बा के मुख्य बाजार मार्ग पर अलाव की व्यवस्था नहीं है। दुकानदार कागज, पन्नी, कूड़ा-करकट इकट्ठा कर आग जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। नगर पंचायत 18 स्थानों पर अलाव जलाने का दावा कर रही है। मौके पर कहीं अलाव दिखाई नहीं देते। दुकानदारों व कस्बा के लोगों ने डीएम से मुख्य बाजार में अलाव जलवाने की मांग की है। (संवाद)
तीर्थ क्षेत्र में इस बार नहीं जला अलाव
संकिसा। बौद्ध तीर्थ नगरी में के मुख्य तिराहे पर हर साल अलाव जलता था। यहां 24 घंटे पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है। यही नहीं दूरदराज से पर्यटक भी आते रहते हैं, मगर इस बार लेखपाल ने अलाव जलाने की जरूरत नहीं समझी। इससे दुकानदार और राहगीर ठंड से परेशान हैं। (संवाद)
कड़ाके की ठंड में लोहिया अस्पताल में घर से लाया कंबल ओढ़े बैठी महिला। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में ठंड से बचने को हीटर से ताप रहा कर्मचारी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD