फर्रुखाबाद। रोडवेज बस स्टैंड के बाहर बुधवार रात करीब पौने बारह बजे कुछ युवकों ने दुकानदार से गाली गलौज की। विरोध करने पर धक्का मुक्की करते हुए सड़क की दूसरी ओर ले गए और सीने में असलहा सटाकर गोली मार दी। वारदात के बाद आसपास की दुकानें बंद हो गईं। भाई ने घायल हो लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां से चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई रेफर कर दिया गया। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
शहर के मोहल्ला छत्तादलपतराय निवासी ध्रुव पांडेय उर्फ अंकित (31) रोडवेज बस स्टैंड के सामने जनरल स्टोर और नमकीन की दुकान खोली है। बुधवार को दुकान का उद्घाटन हुआ था। रात करीब 11:45 बजे ध्रुव भाई रुद्राक्ष पांडेय के साथ दुकान पर बैठा था। पास की दुकान पर खड़े युवक ध्रुव को गालियां देने लगे। विरोध करने पर कोल्डड्रिंक बोतलें फेंकने लगे। दुकान से ध्रुव को पकड़कर धक्का-मुक्की करते हुए सड़क के दूसरी ओर ले जाकर सीने में तमंचा सटाकर गोली मार दी। फायर होते ही बस स्टैंड पर भगदड़ मच गई और दुकानें बंद हो गईं।
लहूलुहान ध्रुव को रुद्राक्ष ने टेंपो से लोहिया अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर कोतवाल विनोद शुक्ला मौके पर पहुंचे। एसओजी ने परिजनों से जानकारी ली। सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह ने अस्पताल में घायल से बात करने की कोशिश की, मगर वह साफ नहीं बोल सका। प्राथमिक उपचार के बाद ध्रुव को सैफई रेफर कर दिया गया।
रात करीब 12:30 बजे एएसपी अजय प्रताप ने घटना स्थल पर जाकर जानकारी ली। रात करीब दो बजे एसओजी और कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। एएसपी ने कहा कि कुछ युवकों में मामूली विवाद में गोली मारी है। पुलिस जांच कर रही है। अभी तहरीर नहीं मिली है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दुकान खाली कराने पर हुआ मनमुटाव
ध्रुव ने जिस दुकान में बुधवार को काम शुरू किया था, वह उनके पिता के नाम है। पिता ने कई साल पहले किराए पर उठा दिया था। पिता के निधन के बाद ध्रुव ने दुकान को खाली करवा ली थी। जिससे दुकान खाली कराई थी उससे मनमुटाव है। पुलिस इस विवाद पर भी जांच कर रही है। जिन तीन लोगों को उठाया गया है, उसमें दो उस व्यक्ति के बेटे हैं, जिनसे ध्रुव ने दुकान खाली कराई थी। एक नितगंजा दक्षिण में मोबाइल दुकान चलाता है।
एक दुकान पर रातभर हर सेवा उपलब्ध
ध्रुव की दुकान के पास एक दुकान पूरी रात खुली रहती है। उसमें शराब, चरस जैसे नशीले पदार्थ भी मिलते हैं। अन्य अवैध कार्य भी होते हैं। विवाद की शुरुआत उसी दुकान से हुई थी।
पुलिस और नेताओं की परिक्रमा में जुटे दुकानदार
बुधवार रात हुई घटना के 50 से अधिक चश्मदीद हैं। सबसे नजदीक वह दुकानदार हैं, जिनके यहां शराब पिलाने का धंधा चलता है। पुलिस की मदद के लिए तैयार नहीं हैं। पुलिस की जांच से बचने के लिए दुकानदार नेताओं और कोतवाली के चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस की पूछताछ के डर से ध्रुव के दुकान के सामने वाली करीब सात दुकानें बंद रहीं।
रोडवेज पर तैनात पुलिस कर्मी थे नदारद
रोडवेज बस स्टैंड के बाहर कादरीगेट चौकी के सिपाही और चीता मोबाइल की ड्यूटी रहती है। तीन पीआरडी के जवानों भी तैनात रहते हैं। घटना के वक्त पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आधे घंटे बाद कोतवाली पुलिस पहुंची थी।
दुकानदार को गोली मारे जाने के बाद घटनास्थल पर पूछताछ करते कोतवाल। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
घायल दुकानदार ध्रुव। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD