फर्रुखाबाद। बढ़पुर ब्लाक की ग्राम पंचायत याकूतगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन ध्वस्त कराने में बीईओ, तत्कालीन प्रधान सहित कई फंस गए हैं। एसडीएम ने दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति कर जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।
ग्राम पंचायत याकूतगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माण साल 2008-09 में कराया गया था। तत्कालीन सीडीओ डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निरीक्षण के बाद बिना आदेश के ही अगस्त 2020 में भवन ध्वस्त करा दिया गया था। इसे निष्प्रयोज्य व जर्जर घोषित नहीं किया था। मामले में भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर व एडवोकेट अशोक कटियार की शिकायत पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने एसडीएम सदर अनिल कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई।
जांच टीम के सामने खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि साल 2008-09 में सहायक अध्यापक निकहत हुसैन व तत्कालीन ग्राम प्रधान ने निर्माण कराया था। प्रधानध्यापक ने भवन ध्वस्तीकरण की उन्हें व बीएसए को सूचना नहीं दी। 10 अगस्त 2020 को जब उन्होंने निरीक्षण किया तो भवन ध्वस्त मिला। 14 अगस्त को उन्होंने प्रधानाध्यापक से आख्या मांगी, जिस पर उन्होंने कहा कि एक अगस्त को कायाकल्प के दौरान भवन गिर गया। प्रधान ने चार अगस्त को वर्षा होने से भवन गिरने की बात कही। वहीं टीम के सामने सचिव ने कहा कि तत्कालीन सीडीओ ने 29 जुलाई 2020 को निरीक्षण किया था। जर्जर भवन होने से बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारी ने नया बनवाने की सिफारिश की थी।
एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति ने जांच आख्या में कहा कि निर्माण के 15 वर्ष से पहले भवन जर्जर होने में निर्माण प्रभारी सहायक अध्यापक निकहत सुल्ताना, तत्कालीन प्रधान व खंड शिक्षा अधिकारी, जबकि बिना आदेश भवन ध्वस्त कराने में ग्राम पंचायत सचिव व तत्कालीन प्रधान दोषी पाए गए। ध्वस्तीकरण की सूचना समय से न देने में प्रधानाध्यापक उत्तरदायी हैं। मुख्य विकास अधिकारी की निरीक्षण आख्या में घटिया सामग्री का उपयोग करने का उल्लेख किया गया था।
उन्होंने प्रधान व सचिव को भवन निष्प्रयोज्य घोषित कराकर निर्माण कराने, घटिया निर्माण कराने वाले ठेकेदार की पहचान कर कार्रवाई के लिए अवगत कराने के निर्देश दिए थे। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि बिना आदेश भवन ध्वस्तीकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर उन्होंने जांच आख्या जिलाधिकारी को भेज दी है।