फर्रुखाबाद। करीब 13 साल पहले हुई ट्रैक्टर-ट्राली लूट के मामले में विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने एक लुटेरे को आठ साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा है। अर्थ दंड अदा न करने पर लुटेरे को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
मेरापुर क्षेत्र के चदुइया गांव निवासी भट्ठा मालिक अनुराग मिश्रा ने 30 मार्च 2008 को कायमगंज के लुधइया गांव में ईंटें भिजवाने के लिए ट्रैक्टर-ट्राली पर लोड कराई थी। ट्रैक्टर-ट्राली जाने के बाद वह कार से पीछे-पीछे गए। लुधइया गांव में ईंटें उतरवाने के बाद ट्रैक्टर-ट्राली के साथ-साथ वह कार से वापस लौट रहे थे।
अलादादपुर के पास मुकेश, बंटी उर्फ संदीप, सर्वेश मिले। इन्होंने ट्रैक्टर रोकने के लिए हाथ दिया। ट्रैक्टर रुकते ही अन्य लोग भी आ गए और चालक हवलदार को उतार कर ट्रैक्टर ट्राली लूटकर आरोपी भाग गए थे। भट्ठा मालिक अनुराग मिश्रा ने कायमगंज कोतवाली में मुकेश कुमार, बंटी उर्फ संदीप, सर्वेश, एक नाबालिग को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद सर्वेश समेत 11 लोगों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपियों के अनुपस्थित होने के कारण सर्वेश की पत्रावली अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिनाथ सिंह, केके पांडेय व अखिलेश कुमार ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने सर्वेश को दोषी पाकर सजा और अर्थदंड से दंडित किया। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिनाथ सिंह ने बताया कि कुछ आरोपी जमानत लेने के बाद से अनुपस्थित हो गए। इस कारण सर्वेश की पत्रावली अलग की गई थी।