न स्ट्रेचर मिला, न इलाज, चली गई जान
फर्रुखाबाद/कमालगंज। कानपुर रोड पर भोजपुर चौकी के पास हादसे में मृत युवक फर्रुखाबाद शहर के होटल कारोबारी का बेटा था। घायल अवस्था में उसे भोजपुर चौकी पुलिस ने सीएचसी कमालगंज पहुंचाया था। घायल को सिर में चोट लगी थी लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों ने जमीन पर ही लिटाकर हाथ पैर में पट्टी बांधी और लोहिया रेफर कर दिया। इस लापरवाही के चलते लोहिया पहुंचते-पहुंचते उसने दम तोड़ दिया। शनिवार को शिनाख्त होने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
कानपुर रोड पर भोजपुर चौकी के पास दुर्घटना में मृत युवक फर्रुखाबाद के मोहल्ला मेमरान निवासी होटल कारोबारी नरेंद्र कुमार का बड़ा बेटा अर्पित झा (27) था। वह शुक्रवार शाम चार बजे अर्पित घर से निकला था, इसके बाद लापता हो गया। परिजनों ने खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला।
शनिवार सुबह अज्ञात युवक का शव मिलने की खबर अखबार में पढ़कर नरेंद्र लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचे। मोर्चरी में रखे शव की शिनाख्त बेटे अर्पित के रूप में की। भोजपुर चौकी पुलिस को शुक्रवार रात करीब आठ बजे अज्ञात युवक के घायल पड़े होने की सूचना मिली थी।
चौकी प्रभारी अभय प्रताप सिंह ने उसे एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। उस समय अस्पताल में एक चिकित्सक, चीफ फार्मासिस्ट, फार्मासिस्ट और एक वार्डब्वॉय मौजूद था। इसके बावजूद घायल को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया।
जमीन पर ही लिटाकर उसके हाथ पैरों में पट्टी बांधी गई। सिर में चोट लगी थी, खून भी बह रहा था लेकिन डॉक्टर ने ध्यान नहीं दिया। घायल को लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। लोहिया अस्पताल पहुंचने तक युवक ने दम तोड़ दिया। शव की शिनाख्त के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया।
इतनी दूर कैसे पहुंचा अर्पित
पिता नरेंद्र ने बताया कि अर्पित मानसिक रूप से बीमार था। वह इतनी दूर कैसे पहुंच गया, समझ में नहीं आ रहा है। अर्पित की मां की कई साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में पिता के अलावा छोटा भाई दिव्यांश झा और बहन सूर्यांशी हैं।
वर्जन
अगर इलाज में लापरवाही बरती गई है तो जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सतीश चंद्रा, सीएमओ