कमालगंज (फर्रुखाबाद)। मंडल के अपर आयुक्त आयुक्त गुरुवार को दो धान क्रय केंद्रों, गोशाला और दो रैन बसेरोें का निरीक्षण किया। एक क्रय केंद्र पर खुद का वजन कर तौल मशीन की जांच की। धान बेचने वाले किसानों की खतौनी और ज्यादातर किसानों के मोबाइल नंबर प्रभारी नहीं दिखा पाए। एक नंबर मिलाने मिलाया तो लगा नहीं।
कानपुर मंडल के अपर आयुक्त विनय प्रकाश श्रीवास्तव हनुमान सहकारी क्रय विक्रय समिति में पीसीएफ के धान खरीद केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। धान बेचने आए बरिया नगला निवासी किसान सतीश चौहान के पुत्र सचिन से जानकारी ली। इसके बाद केंद्र प्रभारी अमरपाल सिंह से खरीद का ब्योरा लिया। प्रभारी ने बताया कि 32 किसानों से 2347 क्विंटल धान खरीदा गया है।
अपर आयुक्त ने खुद का वजन कर कांटे को चेक किया और नमी मापक मशीन भी देखी। धान बेच चुके किसान दिलीप, राहुल व राजन की खतौनी प्रभारी नहीं दिखा पाए। रजिस्टर में किसानों के मोबाइल नंबर भी नहीं लिखे थे। इस पर अपर आयुक्त ने प्रभारी की फटकार लगाई। प्रभारी ने धान बेंच कर गए किसान दिलीप कुमार का मोबाइल नंबर दिया। अपर आयुक्त ने नंबर मिलाया तो किसी और का निकला। उन्होंने मोबाइल नंबर का सत्यापन करके लिखने के निर्देश दिए।
नवीन मंडी में मार्केटिंग विभाग के खरीद केंद्र पर धान बेचने आए किसान जानकी शाक्य व कश्मीर सिंह यादव से सुविधाओं की जानकारी ली। प्रभारी स्वाति वर्मा ने बताया कि 18 किसानों से 452 क्विंटल खरीदा गया है। बैनर पर जिला खरीद अधिकारी ने मोबाइल नंबर न होने पर नाराजगी जताई। सबलपुर के किसान विपिन कुमार ने ठीक धान की खरीद न करने की शिकायत की। अपर आयुक्त ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पुरषोत्तम को किसान के धान की जांच कर खरीद कराने के निर्देश दिए। अपर डीएम सुभाष चंद्र, एआर वीके अग्रवाल व तहसीलदार श्रद्धा पांडेय भी रहीं।
अपर आयुक्त को बीमार मिले गोवंश
दोपहर करीब एक बजे अपर आयुक्त ने देवरान गढ़िया के पास नगर पंचायत की कान्हा गोशाला का भी निरीक्षण किया। भंडार कक्ष में भूसा कम मिला और गंदगी भी थी। पेवर ब्रिक कई स्थानों पर धंसी और टैंक की पटियों में गैप मिला। गोवंश भी बीमार दिखे। अपर आयुक्त ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश शाक्य को सुबह-शाम मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
रैन बसेरा में महिलाओं के लिए अलग कमरे के निर्देश
अपर आयुक्त ने गौसपुर क्रासिंग के पास बने नगर पंचायत के रैन बसेरा का भी निरीक्षण किया। एक ही कमरे में जमीन पर पास-पास गद्दे बिछे थे। गद्दे दूर दूर करने के लिए कहा। फोल्डिंग वाली चारपाई डलवाने और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। कहा कि रेलवे स्टेशन, मेन रोड आदि स्थानों पर रैन बसेरा का बोर्ड भी लगवाएं। इसके बाद फतेहगढ़ में रैन बसेरा भी देखा।