फर्रुखाबाद। कमालगंज विकास खंड क्षेत्र के गांव दानमंडी में पिछले दिनों मनरेगा में हुए काम में लाखों रुपये का घपला किया गया है। जांच में मामला पकड़े जाने के बाद अब रोजगार सेवक सहित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। वसूली की भी तैयारी है।
ग्राम पंचायत दानमंडी में वर्ष 1018-19 व 2019-20 में मनरेगा से कराए गए विकास कार्यों में रोजगार सेवक, प्रधान व सचिव की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की साक्ष्यों के साथ शिकायत की गई। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने समिति गठित कर जांच कराई। इसमें पता चला कि मनरेगा से 11 स्थानों पर हुए मिट्टी के कार्य का पूरी तरह फर्जी भुगतान किया गया।
इसमें पांच किशोरों सहित 13 लोगों के खातों में बिना काम किए ही करीब तीन लाख रुपये श्रमिकों के ट्रांसफर कराए गए। जांच समिति ने फर्जी तरीके से भुगतान लेने वाले लोगों के नाम की सूची भी रिपोर्ट में सौंपी है। खास बात तो यह है कि कोरोना महामारी के चलते इन दोनों वर्षों में सोशल आडिट नहीं किया गया।
इससे मनरेगा के भुगतान में जमकर मनमानी की गई। डीसी मनरेगा राजमणि वर्मा ने बताया कि जांच में करीब तीन लाख रुपये का घपला मिला है। कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी गई है। इसके बाद जिलाधिकारी से अनुमोदन लेकर फर्जी भुगतान की रिकवरी कराने के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।