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खाकी ही नहीं सुरक्षित तो जनता भगवान भरोसे

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फर्रुखाबाद। पुलिस लाइन में महिला दरोगा व सिपाही के यहां हुुई लाखों की चोरी पुलिस की सुरक्षा के दावों की पोल खोल रही है। पुलिस लाइन के सभी गेटों पर फोर्स तैनात रहता है। मेन गेट से लेकर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके बाद भी चोर घटना को अंजाम देकर भाग गए। चोरों ने वारदात को अंजाम देकर पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़ा कर दिया है।
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क्राइम ब्रांच में तैनात महिला दरोगा पूनम जादौन व मऊदरवाजा थाने में तैनात महिला सिपाही कविता भारद्वाज पुलिस लाइन में सरकारी आवास में रहती है। पूनम जादौन व कविता अवकाश पर अपने घर गईं थीं। शुक्रवार रात पूनम जादौन व कविता के आवास के ताले टूटे होने की जानकारी आसपास के आवासों में रह रहे लोगों ने प्रभारी
आरआई मुन्नू सिंह को दी। चोरी की जानकारी पर यातायात प्रभारी रजनेश कुमार, सीओ अम़ृतपुर अजेय कुमार शर्मा पूनम जादौन के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने छानबीन कर महिला सिपाही कविता के आवास का भी निरीक्षण किया। देर रात कोतवाल जय प्रकाश पाल ने भी घटना स्थल पर छानबीन की। शनिवार दोपहर जनपद
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अलीगढ़ से पूनम जादौन वापस आईं। उन्होंने आवास का निरीक्षण करने के बाद बताया कि चोर दो सोने की अंगूठी, एक मंगलसूत्र, एक जोड़ी टाप्स, दो जोड़ी पायलें, 25 हजार रुपये व मंदिर में रखे चांदी के पूजा के बर्तन चोरी करके ले गए। चोर पीछे के रास्ते से आंगन में कूदे। बरामदे में गेट की लोहे की जाली को उचकाकर बरामदे में
आए और कमरे का ताला तोड़कर बक्से में रखे रुपये, जेवर निकालकर ले गए। चोरों ने घर में रखे अन्य कीमती सामान को हाथ तक नहीं लगाया। महिला सिपाही कविता के आवास से भी चोर लाखों रुपये के जेवर नकदी चोरी करके ले गए। महिला सिपाही पति के साथ जनपद हाथरस मेडिकल अवकाश पर गई हुई थी। कविता ने फोन पर
बताया कि उसका हायर सेंटर में इलाज चल रहा है। कमरे में सोने-चांदी के जेवरात रखे थे। कोतवाल जय प्रकाश पाल ने बताया कि दरोगा व सिपाही के आवास में चोरी के संबंध में तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। दोनों घटनाओं के खुलासे के लिए टीमें लगा दी हैं।
कुटरा कालोनी में रह रही महिला सिपाही रीता यादव पहले पुलिस लाइन के सरकारी आवास में रहती थी। वह शादी के बाद परिजनों के साथ अपने घर गई थी। तभी चोर उनके आवास के ताते तोड़कर आठ लाख रुपये के जेवर व नकदी चोरी करके ले गए थे। तीन वर्ष पुरानी घटना में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फाइनल रिपोर्ट लगाकर पल्ला झाड़ लिया था। इसके चलते ही चोर पुलिस लाइन के एक के बाद एक घटना को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं।
पुलिस लाइन में कबाड़े वाले सहित अन्य संदिग्ध लोगों को गेट पर तैनात पुलिस रोकती नहीं है। वह लोग बिना रोक के अंदर जाकर इधर-उधर घूमते हैं। इसके चलते पुलिस प्रथम जांच में कबाड़ा खरीदने आए लोगों के चोरी में शामिल होना मा रही है। पुलिस लाइन के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। हर आने जाने वाले को बारीकी से देखा जा रहा है।
जनपद के सभी थानों में पुलिस रिकार्ड में जनवरी से अब तक 98 चोरी दर्ज हैं। इसमें 32 घरों में नकब लगाकर चोरी हुई है। पुलिस बीस फीसदी चोरी के मामलों का खुलासा नहीं कर सकी है। जबकि दो सौ से अधिक चोरी की घटनाओं में मुकदमे दर्ज नहीं किए गए। मोहम्मदाबाद, नवाबगंज, शमसाबाद, फतेहगढ़ में दो माह में पचास से अधिक चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने कई मामलों में मुकदमा दर्ज करना भी उचित नहीं समझा है। ऐसे में पीड़ित अब आखिर कैसे खुलासे की आस लगाए, जब दरोगा व सिपाही के यहां भी चोरी हो रही है।
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‘दरोगा व सिपाही के आवास में हुई चोरी के मामले में पुलिस की टीमें खुलासें में लगी हैं। जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया ज ा रहा है।’
अजेय कुमार शर्मा, सीओ सिटी
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