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धूप खिलते ही कल्पवासियों की पहुंचने लगी भीड़

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पांचाल घाट पर पैंटून पुल बनाते कर्मचारी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर स्थित गंगा की रेती में कल्पवासियों की तंबू की नगरी बस गई है। मेला क्षेत्र में करीब 15 हजार से अधिक राऊटियां लग चुकी हैं। एक सप्ताह बाद धूप खिलने से मेला क्षेत्र में कल्पवासियों की भीड़ पहुंचने लगी है।
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मंगलवार को मेले में ट्रैक्टर-ट्रालियों का दिन पर तांता लगा रहा। 17 जनवरी को मेले का शुभारंभ होगा। कई जिलों के लोग एक माह तक कल्पवास कर पुण्यफल अर्जित करेंगे। संतों ने तंबू लगाकर अपना क्षेत्र सजा लिया है। भजन-कीर्तन की धुन सुनाई देने लगी।
व्यापारी दुकानें सजाने में जुटे हैं। तंबू की नगरी सजने के बावजूद मेला प्रशासन अभी तक बिजली व पानी की व्यवस्था नहीं कर सका है। संत और कल्पवासी हैंडपंप के लिए ठेकेदार और मेला व्यवस्थापक के पास भाग रहे हैं। 300 से अधिक शौचालय तो बने, मगर पानी के लिए ड्रम व बाल्टी की व्यवस्था नहीं। मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित का कहना है कि उद्घाटन से पहले तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
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मंगलवार को श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरी महाराज के नेतृत्व में हुई बैठक में मेला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई गई। अध्यक्ष ने कहा कि मेला पूरा लग चुका है। अभी तक बिजली की व्यवस्था नहीं की गई। चेतावनी दी कि यदि बुधवार तक बिजली शुरू नहीं की गई, तो धरना प्रदर्शन कर गंगा पुल पर जाम लगा देंगे।
गंगा पुल को जाम से बचाने के लिए बनाए जा रहे पैंटून पुल पर काम शुरू कर दिया गया है। वहीं जलस्तर बढ़ने से पैंटून के रास्ते पर पानी भर गया है। मंगलवार को ठेकेदार ने काम शुरू किया। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता आरके तिवारी ने बताया कि छह पैंटून और लगाए जाएंगे।
मेले में खेल-खिलौने, खाने-पीने, बिसतखाना आदि की दुकानें लगती हैं। दुकानदारों ने रसीद कटवा ली है। मगर दुकानों की नाप नहीं की गई है। इससे परेशान दुकानदार मेला कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। आलोक कुमार, कन्हई लाल, मोहित, सुरजीत गौरव आदि 12 दुकानदारों की दुकान के लिए नाप नहीं हुई है।
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