फर्रुखाबाद। जिला पंचायत कार्यालय में 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में जेल गए लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। कंप्यूटर आपरेटर पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी है। निर्माण खंड का पटल दूसरे लिपिक को सौंपकर फाइलों की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
जिला पंचायत से कराए जाने वाले विकास कार्यों में 25 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने 18 फरवरी को निर्माण खंड का पटल देख रहे लिपिक रजनीश यादव को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। रिश्वत मांगने के आरोप में कंप्यूटर
आपरेटर अविनाश पाल की भी शिकायत की गई थी। फिलहाल जेल गए लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। अपर मुख्य अधिकारी नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने लिपिक रजनीश यादव को निलंबित कर पटल का प्रभार लिपिक आदेश कुमार यादव को दिया है। उन्होंने पटल से संबंधित फाइलों की सूची बनाकर
प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिश्वत का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट के निर्णय के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जांच अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर आपरेटर अविनाश पाल की शिकायत के मामले में शीघ्र ही जांच कर कार्रवाई की जाएगी।