फर्रुखाबाद। सातनपुर स्थित मंडी में आलू की बंपर आवक से चारों ओर जाम लगा है। इससे मंडी में तौल चुके आलू का भी उठान नहीं हो पा रहा है। किसानों से दो दिन आलू न लाने का अनुरोध किया गया है। आवक ज्यादा होने से भाव में भी 50 रुपये क्विंटल की गिरावट आई है। किसान जाम में फंसकर परेशान हैं। मंडी में मतगणना स्थल बनाए जाने से जगह का संकट है।
विधानसभा चुनाव के लिए सातनपुर मंडी में मतगणना स्थल बनाया गया है। मतगणना के लिए 72 दुकानें अधिग्रहीत किए जाने के साथ करीब आधी मंडी में प्रवेश निषेध कर फोर्स तैनात कर दी गई है। पोलिंग पार्टियां रवाना करने से लेकर चुनावी गतिविधियों के चलते 17 से 21 फरवरी तक मंडी में अवकाश था। पांच दिन की बंदी के बाद 22 फरवरी से मंडी में आलू की आवक बढ़ गई।
चार दिन बीतने के बावजूद शुक्रवार को भी मंडी के अंदर से लेकर बाहर तक वाहनों का जाम लगा रहा। हालात ये हैं कि आईटीआई चौराहे से लेकर सेंट्रल जेल चौराहे और इटावा-बरेली हाईवे तक आलू भरे वाहन फंसे रहे। प्रतिदिन करीब 400 ट्रक (दो लाख बोरा) आलू मंडी में आ रहा है। तौल होने के बाद जाम लगा होने से व्यापारी मंडी से आलू का उठान नहीं करा पा रहे हैं।
शुक्रवार को तो आढ़तों के सामने आलू के बोरे लगे होने से आलू तौलने के लिए भी जगह नहीं बची। आलू का भाव 50 रुपये क्विंटल गिरकर 750 रुपये से लेकर 900 रुपये क्विंटल बिका। मंडी के बाहर चारों ओर जाम लगा होने से वाहन रेंगते रहे। हालांकि पुलिसकर्मी आलू लदे वाहनों को किनारे खड़े कराकर छोटे वाहन बाइक और कार आदि पास कराते रहे।
आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर वर्मा उर्फ रिंकू ने बताया कि आलू भरे वाहनों से मंडी और मुख्य मार्गों पर जाम लगा होने से आढ़तों से आलू का उठान नहीं हो पा रहा है। इससे तौल करने के लिए जगह ही नहीं बची है। फोन कर किसानों को दो दिन मंडी में आलू न लाने का अनुरोध किया है। दो दिन में आढ़तों से आलू का उठान होने से काफी राहत मिल जाएगी।
सातनपुर मंडी में इन दिनों आलू का सीजन होने से आवक भी अधिक रहती है। विधानसभा चुनाव होने से मंडी में मतगणना स्थल बनाया गया है। इसमें 72 दुकानों में ईवीएम रखी होने के साथ उतना मंडी का एरिया भी ब्लाक कर दिया गया है। आढ़तियों कहना है कि मतगणना स्थल वाले क्षेत्र में 100 से 125 ट्रक आलू लग जाता था, इससे जाम की स्थिति नहीं बनती थी। इस पर जगह कम होने से जाम नहीं खुल पा रहा है।
मंडी के अंदर जाम लगे होने से कुछ आढ़तियों ने तो मंडी के बाहर ही आलू की खरीद-फरोख्त शुरू करा दी है। शुक्रवार को मंडी के पहले गेट के निकट सड़क किनारे कांटा लगाकर आलू की तौल भी दिन भर चलती रही। अब जाम खुलवाने के प्रयास में नियम भी दरकिनार करना मजबूरी बन गई है।
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव और सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह शुक्रवार को मंडी पहुंचे। उन्होंने सचिव डॉ. दिलीप वर्मा के कार्यालय में बैठक कर जाम से निजात के लिए विचार-विमर्श किया गया। रूट डायवर्जन पर भी मंथन चलता रहा, लेकिन शाम तक कोई नतीजा नहीं निकला।
नवाबगंज क्षेत्र के गांव पत्योरा निवासी कर्वेंद्र सिंह गुरुवार को तड़के चार बजे ट्रैक्टर-ट्राली से आलू लेकर सातनपुर मंडी पहुंचे। बताया कि शुक्रवार की दोपहर उनके आलू की तौल हुई। आलू 751 रुपये क्विंटल बिका। दो दिन मंडी में फंसकर परेशान होना पड़ा। आलू सस्ता होने से लागत भी नहीं निकल सकी।
मेरापुर क्षेत्र के गांव पमरखिरिया निवासी सुनील ने बताया कि गुरुवार रात एक बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर आलू लादकर घर से निकले थे। जाम में फंसकर शुक्रवार दोपहर 12 बजे सेंट्रल जेल चौराहे तक ही पहुंच सके। मंडी अभी भी एक किलोमीटर दूर है। पता नहीं मंडी पहुंचने में अभी कितने घंटे और लगेंगे।
नवाबगंज क्षेत्र के अतुल मिश्रा आलू से भरी ट्रैक्टर-ट्राली लेकर हाईवे पर जाम में फंसे थे। बताया कि शुक्रवार तड़के 3:30 बजे आ गए थे। दोपहर 12:15 बजे तक मंडी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर हैं। मंडी पहुंचने में शाम होने की संभावना है। अब शनिवार को ही आलू तौलने की उम्मीद है।
सेंट्रल जेल चौराहे पर लगे जाम में फंसे ट्रैक्टर-ट्रलियां। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
सुनील। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
अतुल मिश्रा। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
सातनपुर मंडी से आईटीआई के लिए जाने वाली सड़क पर लगा जाम। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD