कायमगंज। पखवाड़े भर बाद दोबारा हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक में आय-व्यय का ब्योरा न देने का आरोप लगाते हुए सभासदों ने फिर हंगामा कर दिया। बजट व एजेंडे के सभी प्रस्ताव खारिज कर दिए। बैठक में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पालिका चेयरमैन ने कहा कि एक आरोप सिद्ध हो जाए तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे।
नगरपालिका में 17 जुलाई को बजट सत्र के लिए बैठक बुलाई गई थी। बैठक में मौजूद 25 सभासदों ने एक भी प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगने दी। दोबारा शनिवार का समय दिया गया। जैसे ही वरिष्ठ लिपिक रामभुवन ने एजेंडों में लिखे प्रस्तावों को पढ़ा, सभासद हंगामा करने लगे और कहा कि किस मद में कितना धन खर्च हुआ है इसका पूरा ब्योरा दें। सभासदों ने वरिष्ठ लिपिक पर लाखों के फर्जी बिलों के भुगतान कराने का आरोप लगाया। उनके पदमुक्त करने की मांग करने लगे। लिपिक ने कहा कि कोई भी आरोप साबित हो जाए तो वह नौकरी छोड़ देंगे। इसके बाद अध्यक्ष भी खड़े हो गए उन्होंने सभी से शांत रहने को कहा। कहा कि यदि पालिका में कोई भ्रष्टाचार साबित हो जाए तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे।
उन्होंने कहा कि 44 लाख की ग्रांट मिल रही है और 50 लाख खर्च है। इसमें भी साढ़े 13 लाख डीजल का बकाया है। बैठक में 21 करोड़ 30 लाख के बजट प्रस्ताव व पिछले खर्च का अनुमोदन के लिए रखा गया था। चेयरमैन सुनील चक ने कहा कि पालिका को जो भी ग्रांट मिल रही है उससे कहीं ज्यादा खर्च है। पालिका के सभी विकास कार्य ईमानदारी व निष्ठा से किए जा रहे हैं। बैठक में मौजूद सभासद आमिर खां, लक्ष्मी देवी सहित कुछ ने ही मुखर विरोध किया अन्य लोग शांत बैठे रहे। पूजा शुक्ला, आसिफ मंसूरी, नरेश शर्मा, सचिन यादव, प्रेमचंद्र, मुकेश गंगवार, रूबी गिरी आदि मौजूद रहे।