गंगा 25 सेमी घटी लेकिन मुसीबतें बढ़ीं, कटान हुई तेज
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर 25 सेमी घटने के साथ गांवों में दिक्कतें बढ़ गईं हैं। गांव से पानी निकलने लगा है। वहीं घास सड़ने से उठने वाली बदबू से ग्रामीण परेशान हैं। खांसी, जुकाम व बुखार जैसी बीमारी फैलने लगी है। वहीं कटान और तेज हो गई है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 136.60 मीटर से 35 सेमी ऊपर चल रहा था। सोमवार को 25 सेमी घटकर 136.70 मीटर पर आ गया है। हालांकि अभी भी चेतावनी बिंदु से 10 सेमी ऊपर है। नरौरा बांध से गंगा में 40,473 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है।
गंगा के किनारे के गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, अंबरपुर, रामपुर, जोगराजपुर, कुड़री सारंगपुर, करनपुर घाट, सुंदरपुर आदि गांव में बाढ़ का पानी भरा था। घरों में भरा पानी तो निकल गया, लेकिन रास्तों में अभी भी भरा है। बाढ़ का पानी कम होने से घास, कूड़ा सड़ने से बदबू उठने लगी है।
इससे लोगों का जीना दूभर हो गया है। गांव में जुकाम-बुखार की बीमारी भी पैर पसारने लगी है। वहीं गंगा का जलस्तर घटने से हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, करनपुर घाट, जोगराजपुर में कटान शुरू हो गई है। खो हरेली, रामनगर से रामगंगा में 4152 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.40 से 25 सेमी बढ़कर 134.65 पर पहुंच गया है।
कटान में बहे मकान, पीड़ित लाचार
कमालगंज। फतेहपुर कायस्थान ग्राम पंचायत के कल्लूनगला में कटान से पक्की सड़क कट चुकी है। बिजली के पोल भी गंगा में समा चुके। दो दिन में भूधर, दुर्विजय, चंद्रशेखर के मकान की जमीन कट गई। रामविलास का मकान भी किसी समय कट सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि केवल दो लोगों को आवास के लिए जमीन आवंटन किया गया। अन्य लोगों को दूसरी ग्राम पंचायत बहोरन टप्पा हवेली से जमीन लेने के लिए कहा जा रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही से कटान पीड़ित लाचार होकर रह गए हैं।