फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांवों से बाढ़ का पानी घटा, संक्रामक रोगों ने पांव पसारे

विज्ञापन
गौटिया गांव में खराब हुई धान की फसल। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। गंगा नदी का जलस्तर घटने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी तो कम हुआ है लेकिन बीमारियां बढ़ने लगी हैं। गांवों में जगह-जगह जलभराव के कारण मच्छर भी बढ़ गए हैं।
विज्ञापन

नरौरा बांध से मंगलवार को गंगा में 56756 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बावजूद जलस्तर 20 सेमी घटकर 136.55 मीटर आ गया है। जोगराजपुर गांव के रास्ते पर पानी कम होने से नाव नहीं चल पा रही है। लोग कीचड़ व पानी से निकल रहे हैं। हरसिंहपुर कायस्थ में नाव चल रही है। रामगंगा का भी जल स्तर 134.15 से 15 सेमी घटकर 134 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर से रामगंगा में 952 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है।
पानी घटने के बाद बीमारियां बढ़ने लगी हैं। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, करनपुर घाट, सुंदरपुर, राजाराम की मड़ैया, जोगराजपुर में जुकाम, बुखार व खुजली के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
विज्ञापन

बाढ़ से फसलों में हुआ नुकसान
बाढ़ के पानी से फसलों में नुकसान हुआ है। किसान नरेंद्र, सुनील कुमार ,रामबरन, अहिवरन, लालसहाय, अरविंद कुमार आदि ने बताया कि धान, उर्द, मूंग, तिल की फसलें खराब हो गई हैं। गन्ना की उपज भी घट जाएगी। तहसीलदार संतोष कुमार ने बताया कि पानी सूख जाने के बाद फसलों का सर्वे कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें