खुद व्रत करके भूखे को खिलाएं भोजन
फर्रुखाबाद। शांति का संदेश लेकर पदयात्रा करके पहुंचे जैन धर्मगुरु आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने शनिवार को यहां कहा कि खुद व्रत रखें। उससे जो भोजन बचे, उसे भूखे को खिलाएं। जो भी यह क्रिया अपनाएगा, उसे आत्मशांति मिलेगी।
आचार्य शाम करीब चार बजे गुरुगांव देवी पहुंचे। वहां से बड़ी संख्या में लोग बीबीगंज, तहसील तिराहा, चौक, तिकोना, लालगेट होते हुए स्वराज कुटीर पहुंचे। रास्ते में फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। स्वराज कुटीर में आचार्य ने कहा कि पदयात्रा शांति का संदेश देने के लिए असम से शुरू हुई है। यह यात्रा झारखंड के सम्वेद शिखर तक जाएगी। वहां चातुर्मास करेंगे। बोले कि वे रोज सुबह और शाम 15-15 किमी यात्रा करते हैं। यात्रा के दौरान एक दिन व्रत और दूसरे दिन भोजन करते हैं। उनके साथ पीयूष सागर और हल्लक महाराज भी हैं।
कार्यक्रम स्थल पर आचार्य ने कहा कि यदि समाज का हर व्यक्ति यह तय कर ले कि एक दिन व्रत रखेगा और उस दिन का अपना भोजन किसी गरीब को खिलाएगा, तो तमाम समस्याओं का समाधान हो जाएगा। बोले कि अशांति का मुख्य कारण भूख है। इसे मिटाने के लिए हम सब प्रयास करने में जुट जाएं। इस मौके पर कन्हैयालाल जैन, प्रमोद जैन, दिलीप जैन, आमोद जैन, पुष्पराज जैन (पंपी), नेहा, वीना, मिनी, अमान, राहुल, नीरज आदि मौजूद थे।