फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 236 स्कूलों में सबमर्सिबल लगवाने की योजना शुरू हुई थी। शासन से बजट न मिलने के कारण सबमर्सिबल लगाने का लक्ष्य कम कर दिया गया है जिस कारण अब नई योजना न आने तक अन्य स्कूलों में सबमर्सिबल नहीं लगाए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के जिले में करीब 1578 विद्यालय हैं। बच्चों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों के हैंडपंप में सबमर्सिबल लगाने का काम शुरू हुआ। प्रथम चरण में 236 स्कूलों में सबमर्सिबल लगाने का लक्ष्य शासन से मिला। सबमर्सिबल लगाने की जिम्मेदारी यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड लखनऊ की संस्था को दी गई। 165 विद्यालयों के हैंडपंपों में सबमर्सिबल लगा दिया गया। शासन से दूसरी किस्त न मिलने से काम लटक गया। इससे अब 167 स्कूलों में ही सबमर्सिबल लगाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया। इससे अब शेष दो स्कूलों में ही सबमर्सिबल लगना शेष है।
डीसी एमआई जितेंद्र कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था के अधिकारी से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि दूसरी किस्त न मिलने से 167 स्कूलों में ही सबमर्सिबल लगाने का लक्ष्य कर दिया गया है। अब नई योजना आने पर शेष स्कूलों में सबमर्सिबल लगाए जाएंगे।