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तमंचे के मुकदमे में भिड़े दरोगा-सिपाही

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फर्रुखाबाद। तमंचे के मुकदमे की विवेचना को लेकर दरोगा और सिपाही आपस में भिड़ गए। दोनों एक दूसरे का गाली देते हुए पीड़ितों की फरियाद सुन रहे एसओ के सामने पहुंच गए। विवाद बढ़ता देख एसओ ने दोनों को समझा बुझाकर शांत किया।
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जहानगंज थाने में मंगलवार रात अवैध शस्त्र का एक मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी विवेचना संबंधित हल्क ा के दरोगा को दी गई। उन्होंने पांच सौ रुपये खर्च होने की बात कहकर मुकदमें की विवेचना कॉपी लेने से इनकार कर दिया। इस पर एक सिपाही मैस में खाना खा रहे दूसरे चर्चित दरोगा के पास मुकदमे की कॉपी लेकर पहुंचा। सिपाही ने उक्त दरोगा से विवेचना ग्रहण कराने के लिए मुकदमा कॉपी पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा।
इससे भड़के दरोगा ने सिपाही के हाथ से एफआईआर की कॉपी लेकर फेंक दी। सिपाही से कहा कि तुम्हारी औकात कैसे हो गई जो मुझको विवेचना ग्रहण करने के लिए मजबूर करने आ गए। तुम थाने के एसओ हो क्या। इस पर सिपाही भी दरोगा से भिड़ गया। दोनों गाली गलौज करते हुए एसओ दिनेश गौतम के सामने पहुंच गए। एसओ वहां मौजूद पीड़ितों की फरियाद सुन रहे थे। दरोगा व सिपाही को आपस में गाली गलौज करते देख फरियादी दंग रहे गए। दरोगा का गुस्सा देख एसओ ने सिपाही को वहां से जाने के लिए कहा। इसके बाद एसओ ने दरोगा को समझाकर शांत किया।
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लाइन हाजिर हो चुके हैं दरोगा जी
बता दें कि सिपाही से भिड़े यह वहीं दरोगा जी हैं। जिन्हें पतौंजा में ग्रामीणों के पलायन के मामले में एसपी ने लाइन हाजिर करने के बाद फिर से वहां पर तैनात कर दिया था। वहीं सिपाही क्षेत्रीय विधायक का बेहद करीबी है। एसओ दिनेश गौतम ने बताया कि कोई खास बात नहीं थी। आपस में मामूली कहासुनी हो गई थी।
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