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श्राद्ध पक्ष के पहले दिन किया तर्पण

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पांचालघाट गंगा तट पर जलदान करते लोग। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। सोमवार को पूर्णिमा से पितृपक्ष की शुरुआत हो गई। पहले दिन लोगों ने गंगा तट पर और घरों में तर्पण किया। सुबह पांच बजे से ही तर्पण के लिए लोग गंगा तटों पर पहुंचे लगे थे। शहीद सैनिकों के तर्पण के लिए विशेष अनुष्ठान कराया गया।
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पांचाल घाट स्थित दुर्वाषा ऋषि आश्रम के सामने आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने तर्पण कराया। करीब एक घंटे तक विशेष अनुष्ठान कराकर शहीद सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए भी जलदान किया गया।
आचार्य ने बताया कि पितृपक्ष में पितरों का आगमन दक्षिण दिशा से होता है। पूर्णिमा को पितृ दक्षिण स्थित पितृलोक से वंशजों द्वारा दिया गया हव्य ग्रहण करने धरती पर आते हैं। श्रद्धा के साथ पितरों का स्मरण करना ही श्राद्ध है। मृत्यु के बाद पहला श्राद्ध गौ ग्रास के रूप में होता है। बाद के सभी श्राद्ध श्रद्धेय को यथोचित पकवानों का भोग लगाकर विदा किए जाते हैं। श्राद्ध पक्ष में तर्पण के बाद श्राद्ध की तिथि पर पंडितों को भोजन कराया जाता है। उन्होंने बताया कि पितृ विसर्जनी अमावस्या की शाम को नदियों के तटों पर दीप जलाकर पितरों को विदाई दी जाती है। श्राद्ध तिथि को श्रद्धालु दक्षिण दिशा की ओर मुख कर अपने पितरों का आह्वान करते हैं। गंगा के अन्य तटों पर भी पुरोहितों ने श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम संपन्न कराए। इसके अलावा घरों में भी लोगों ने अपने पुरखों को जलदान किया।
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