फर्रुखाबाद। बुधवार को दिन भर उमस भरी गर्मी रही। दोपहर बाद अचानक हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। हालांकि बारिश बंद होते ही उमस से लोगों को फिर दिक्कत खड़ी हो गई। शहर के कई इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देहात क्षेत्र में भी झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए।
बुधवार दिन में तीन बजे बारिश शुरू हुई। तेज बारिश होने से कुछ देर में शहर के मुख्य मार्ग पर भोलेपुर, भीमसेन मार्केट के सामने सड़क पर पानी भर गया। भोलेपुर स्थित डिवीजन कार्यालय परिसर में जलभराव हो गया। शहर के मदारबाड़ी, लालसराय, तलैया फजल इमाम समेत आसपास मोहल्लों की गलियों में पानी भर गया। लोहिया अस्पताल परिसर में भी बारिश के पानी से जलभराव हो गया।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार तेज बारिश होने से नाले-नालियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। इससे नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई। कोतवाली समेत कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानदारों का काफी नुकसान हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि अगर बरसात से पहले नाले की सफाई हो जाती, तो बारिश में दुकानों में पानी न घुसता। थाने में जलभराव से फरियादियों को दिक्कत हुई।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार तेज बारिश के बीच नालियां चोक होने से सड़कों पर पानी भर गया। आमजन पानी में घुसकर निकलने को मजबूर हो गए। थाना चौराहे से मेन मार्केट जाने वाले रोड पर लगभग एक फीट पानी भर गया। ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को खासा फायदा हुई है।
बारिश से 300 गांवों की छह घंटे बिजली रही गुल
अमृतपुर संवाद प्रतिनिधि के अनुसार रात में बारिश होने से गंगापार क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्रों की 33 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। इससे चारों विद्युुत उपकेंद्र ठप होने से तीन सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। छह घंटे बाद फाल्ट ठीक होने पर गांवों की बिजली चालू हुई। मंगलवार रात को रिमझिम बारिश होती रही। इससे बुधवार भोर करीब चार बजे गंगापार क्षेत्र की 33 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। इससे अमृतपुर, तहसील, राजेपुर, सलेमपुर विद्युत उपकेंद्र ठप होने से तीन सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। सुबह छह बजे कर्मचारियों को फाल्ट खोज कर ठीक करने के लिए लगाया गया। फाल्ट मिलने पर ठीक करने के बाद दस बजे गांवों की बिजली चालू हुई। जेई सत्येंद्र सिंह ने बताया कि फाल्ट ठीक कराकर बिजली चालू कर दी गई है।