फर्रुखाबाद। ठेकेदार शमीम हत्याकांड का चश्मदीद गवाह इदरीश मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए अपने बयान से मुकर गया। बचाव पक्ष के वकीलों के कई सवालों का जवाब भी गवाह नहीं दे पाया। जिला जज ने मुकदमे की सुनवाई के लिए दो नवंबर की तारीख दी है।
कन्नौज जिले के गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के गांव समधन निवासी ठेकेदार शमीम की 26 जुलाई 1995 को फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता अनुपम दुबे, बाल किशन उर्फ शिशु आरोपी हैं। अनुपम मैनपुरी और बाल किशन फतेहगढ़ जिला जेल में बंद है। मुकदमे की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। बुधवार को चश्मदीद गवाह इदरीश ने अदालत में आरोपी अनुपम दुबे व बालकिशन की पहचान की थी। उसने कोर्ट में बताया कि 26 जुलाई 1995 को कचहरी में ठेकेदार शमीम से मुलाकात हुई थी।
मोहल्ला बजरिया अलीगंज मोड़ पर शमीम की पांच लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के दौरान अनुपम के हाथ में डबल बैरल बंदूक और अन्य आरोपियों के हाथ में तमंचे थे। गुरुवार को फिर पेशी हुई। दोनों आरोपियों के साथ गवाह इदरीश को सुरक्षा में अदालत लाया गया।
आरोपी अनुपम के वकील जितेंद्र चौहान, शिवनाथ सिंह भगौलीवाल ने बताया कि गवाह इदरीश ने सीबीसीआईडी के विवेचक समेत मजिस्ट्रेट को बयान दिए थे। पहले दिए गए बयान से इदरीश मुकर गया। गवाह को पहले दिए गए बयान पढ़कर सुनाए गए। कई अन्य सवालों के जवाब जिरह के दौरान गवाह नहीं दे सका। जिरह के बाद जिला जज चवन प्रकाश ने अगली सुनवाई के लिए दो नवंबर की तारीख मुकर्रर कर दी।
गवाह को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश
शमीम हत्याकांड में चश्मदीद गवाह इदरीश की ओर से कोर्ट में सुरक्षा के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया। जिला जज चवन प्रकाश ने फतेहगढ़ कोतवाल जय प्रकाश पाल को गवाह को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिया है।
सीओ मोहम्मदाबाद पुलिस बल के साथ डटे रहे
बसपा नेता अनुपम दुबे के पेशी के दौरान सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ जिला जज कोर्ट के बाहर डटे रहे। जिरह के बाद बसपा नेता की जाने की तैयारी में बृजवाहन खड़ा कर दोनों ओर फोर्स तैनात कर सभी को रोक दिया गया। लेकिन बसपा नेता शौच के लिए बार एसोसिएशन की ओर जाने लगे। इस पर सीओ फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। पुलिस शौचालय के बाहर खड़ी रही। कुछ देर में बसपा नेता अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन भी पेशी के बाद वहां शौच के लिए पहुंचे। जहां चंद मिनट दोनों भाइयों की मुलाकात संभव हुई।