पानी से आठ गांव घिरे, 10 घर खाली कराए गए
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। अमृतपुर तहसील के आठ गांव पानी से घिरे हैं। सुंदरपुर की झोपड़ियों में पानी घुस गया है। समैचीपुर चितार में दस घर कटान की चपेट में आने से उन्हें खाली करा दिया गया है। बुधवार को गंगा में 2.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गुरुवार को जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
मंगलवार को छोड़े गए 2.25 लाख क्यूसेक पानी का असर बुधवार को दिखाई दिया। गंगा का जलस्तर 136.55 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु(136.60 मीटर) से महज पांच सेंटीमीटर दूर है। पांचाल घाट पर बंधा तक पानी पहुंच गया है। इससे बंधा पर बसे लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
गंगा पुत्रों ने अपनी झोपड़ियां सुरक्षित स्थानों पर डाली हैं। राजेपुर के गांव गौटिया तक पानी पहुंचने से मेंथा, मूंगफली व मक्का की फसलें जलमग्न होने से किसान दुखी हैं। मवेशियों के लिए चारे का संकट है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि गुरुवार को जलस्तर और बढ़ सकता है। पहाड़ों पर बारिश बंद होने से अब इतनी मात्रों में बांधों से पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इससे अब ज्यादा जलस्तर बढ़ने की आशंका नहीं है। गंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
तीसराम की मड़ैया के पास कटान शुरू
अमृतपुर। पानी बढ़ते ही तहसील क्षेत्र के गांवों में मुसीबत बढ़ने लगती है। हरसिंहपुर कायस्थ के बाद अब गांव सुंदरपुर की झोपड़ियों में भी पानी घुस गया है। नगला दुर्गू, भुड़रा, नौअन पुरवा, सवितापुर तक गंगा पानी पहुंच गया है। यहां खेतों में खड़ी फसलों में पानी भरने से नुकसान होना तय है।
हरसिंहपुर कायस्थ में कटान पहले से ही हो रहा था। अब गांव तीसराम की मड़ैया व ऊगपुर में तभी तेजी से गंगा कटान कर रही हैं। इससे कई किसानों की जमीन कटान की जद मेें है। यह सभी आठ गांव पानी से घिरे होने से यहां के लोग परेशान हैं।
समैचीपुर चितार में दस मकान खाली कराए
शमसाबाद। क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार के पास तेजी से कटान होने की सूचना पर एसओ दिग्विजय सिंह फोर्स के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने जो दस मकान कटान की जद में आ रहे थे उन ग्रामीणों से मकान खाली करने को कहा। इससे ग्रामीण बुधवार सुबह मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इसके अलावा गांव कटरी तौफीक व अचानकपुर भी कटान हो रहा है।
इनके मकान हैं कटान के जद में
शमसाबाद। समैचीपुर चितार की प्रधान ताराबानो ने बताया कि गांव के जमालुद्दीन, जब्बर, तौफीक, फारूक, शौकीन, सलमान, शकुना, शमीम, जमील, नईम के मकानों के पास ही गंगा बह रही हैं। इससे वहां कटान भी हो रहा है। पिछले वर्ष बाढ़ आने पर भी गांव के लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। इस बार भी ग्रामीण घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।