गांव अल्हापुर में आलू भरते किसान। संवाद
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कायमगंज। दो दिन से मौसम का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। शुक्रवार की रात तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। मौसम के इस रुख ने आलू किसानों को चिंता में डाल दिया। तेज हवा के कारण पानी भरे खेतों में गेहूं की फसल गिर गई। किसानों ने आलू की खोदाई तेज कर दी है।
शुक्रवार शाम से बादलों की लुकाछिपी देखकर किसान परेशान होने लगे। उन्हें चिंता है कि कहीं तेज बारिश न हो जाए। आलू की फसल खेतों में पक चुकी है। कुछ खेतों में आलू खुदे पड़े हैं तो कहीं खोदाई के लिए आलू तैयार है। शुक्रवार देर रात तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हो गई। सुबह ही किसान अपने खेतों पर पहुंच गए।
उन्हें यह डर सताने लगा कि अगर कहीं तेज बारिश हो गई तो आलू सड़ जाएगा। इससे किसानों ने आलू की खोदाई तेज कर दी है। किसानों का मानना है कि आलू की फसल अच्छी हुई है। मौसम का रुख देखकर किसान आलू की जल्द खोदाई कराकर उसे सुरक्षित कोल्ड स्टोरेज में भेजना चाहते हैं। 10 दिन से पड़ रही गर्मी से गेहूं की बढ़वार रुक गई। इससे कुछ किसानों ने गेहूं के खेत में पानी लगा दिया था। तेज हवा से इन खेतों का गेहूं गिर गया है। इससे किसानों को ऐसी फसल में उत्पादन घटने की आशंका है।
गांव रानीपुर गौर निवासी किसान बृजेश ने बताया कि कई सालों से आलू की खेती करते आ रहे हैं। फसल तैयार हो चुकी है। अगर इस समय बारिश हो गई आलू को काफी नुकसान होगा। बारिश से आलू की गुणवत्ता और उत्पादन में गिरावट आएगी। कुछ पानी भरे गेहूं के खेत में फसल गिरी है।
गांव रानीपुर के किसान मिस्टर सिंह ने कहा कि पिछले माह मौसम खराब रहने से आलू में रोग लग गया था। उत्पादन में 20 फीसदी कमी आई। अब फिर मौसम बिगड़ा है। आलू की खोदाई तेज कर दी गई है। जिससे आलू कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित भेजा जा सके। तेज बारिश से नुकसान की आशंका है।