हर के मोहल्ला हाता करम खां में घर में बैठे बच्चे। संवाद
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फर्रुखाबाद। बीमारी से माता-पिता की मौत से अनाथ चार बच्चों के मकान का बकाया बिजली बिल एसडीओ टाउन ने भरने का फैसला किया है। इन्हें पहले ही मोबाइल फोन दे चुके हैं।
शहर के मोहल्ला हाता करम खां निवासी सुभाष चंद्र सक्सेना फेरी लगाकर कपड़ा बेचते थे। बीमारी से चार साल पहले उनकी मौत हो गई थी। आठ माह बाद पत्नी सपना भी चल बसीं। घर में चार बच्चे खुशी (15), प्राची (14), चिराग (12) और तपस्या (10) हैं। कमाने वाला कोई नहीं, खाने वाले चार लोग। माता-पिता की मौत के बाद मकान का बिजली बिल 70 हजार से अधिक हो गया।
बच्चों ने आठ मई को संपूर्ण समाधान दिवस में दुखड़ा सुनाया। विद्युत निगम के एसडीओ शरद प्रताप ने बच्चों को मोबाइल फोन खरीद कर दिया था। कहा कि कोई कनेक्शन काटने आए तो फोन कर देना। जांच कराई तो बिजली बिल गलत निकला। उन्होंने संशोधित कर 17 हजार रुपये करा दिया। एसडीओ शरद प्रताप ने बताया कि वह शीघ्र ही यह रकम स्वयं और सहयोगियों की मदद से जमा करवा देंगे।
माता-पिता की मौत के बाद आमदनी बंद हो गई। दो वक्त की रोटी की जुगाड़ में खुशी, प्राची और चिराग की पढ़ाई बंद हो गई। अब खुशी और प्राची दो घरों में बर्तन साफ कर 1800 रुपये महीने में कमाती हैं।
भाई चिराग ने कुछ दिन दुकान पर काम किया। इसके बाद बुआ के यहां चला गया। अब छोेटी बहन तपस्या प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ती है। कोटेदार के यहां से राशन मिल जाता है। प्राची ने बताया कि मकान का एक कमरा किराए पर उठा दिया। एक महीना होने पर 1000 रुपये मिलने लगेंगे। बड़ी दोनों बहनों ने बताया कि यदि समय बदला तो पढ़ाई जरूर करेंगी।