फर्रुखाबाद। विश्व दिव्यांगजन दिवस पर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगों को पंक्चर ट्राईसाइकिल बांट दी गई। कई ट्राईसाइकिलों के ब्रेक भी फेल थे। कुछ निशक्त महिलाएं तो चेन फ्री होने से ट्राईसाइकिल दो कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकीं। दिव्यांगों ने जब शिकायत की तो कर्मचारियों ने दो टूक जवाब दिया कि आठ हजार की ट्राईसाइकिल मुफ्त में मिल गई, अब क्या उसे ठीक भी नहीं करा पाओगे।
फतेहगढ़ के जेएनवी रोड स्थित राजकीय संकेत मूकबधिर विद्यालय में दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर व सीडीओ एम.अरून्मोली ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। विधायक ने कहा कि तीन वर्ष में जिस दिव्यांग को सहायक उपकरण नहीं मिला, वह लाभ ले सकते हैं। दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत लड़के को 15 हजार व लड़की को 20 हजार रुपये का लाभ दिया जाता है। दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल वितरित की गई तो उनके चेहरे खिल उठे लेकिन जब वे ट्राईसाइकिल लेकर चले तो कईयों की साइकिल पंक्चर थी। कुछ में ब्रेक के गुटके गायब थे, तो कुछ के पहिये की तीलियां टूटीं थीं। वहीं कुछ ट्राईसाइकिल जंगल लगी थी। दिव्यांगों ने इसकी शिकायत कर्मचारियों से की तो उन्होंने भी सीधे मुंह बात नहीं की। जिसके बाद दिव्यांग मायूस होकर लौट गए।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव डूंगरपुर निवासी दिव्यांग महिला मीनू ने बताया कि उन्हें पंक्चर ट्राईसाइकिल मिली थी, साथ ही ब्रेक भी टूटे थे। शिकायत की तो कर्मचारी ने उल्टे उन्हें ही हड़का दिया। अमृतपुर के गांव राजपुर निवासी समरून बेगम की पंक्चर ट्राईसाइकिल के पहियों की तीलियां टूटी थीं। शिकायत पर कर्मचारी ने बाहर कर दिया। कहा कि हस्ताक्षर हो गए हैं। साइकिल यहीं छोड़े जाओ। कायमगंज की दिव्यांग नीरज की ट्राईसाइकिल पंक्चर होने के साथ चेन भी फ्री थी। शिकायत पर कर्मचारी ने कहा कि खुद ही बनवाओ। शमसाबाद के गांव संतोषापुर निवासी दिव्यांग अमरपाल, राजेपुर के अरविंद कुमार, शमसाबाद के विजनेश की ट्राईसाइकिलें पंक्चर होने के साथ उनकी ब्रेक के गुटके गायब थे। शिकायत पर कर्मचारियों ने उनकी एक न सुनी।
शिविर में दिव्यांग सहायक उपकरण पाने के लिए पंजीकरण कराने पहुंचे। वहां भीड़ होने से धक्कामुक्की हो गई। दिव्यांगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी अपनी जान-पहचान वाले व करीबियों के पंजीकरण कर रहे हैं। उन लोगों को हड़काकर पीछे लाइन में लगने के लिए दबाव बना रहे हैं।
जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी राजेश ने बताया कि हो सकता है कि किसी ट्राईसाइकिल में हवा कम हो, उनसे किसी ने शिकायत नहीं की। 90 ट्राईसाइकिल, 35 बैसाखी, 8 व्हील चेयर, तीन कमोड चेयर, एक स्मार्ट केन व सात कान की मशीन वितरित की गईं। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही ट्राईसाइकिलों में हवा डलवाई गई थी। यदि किसी दिव्यांग के पास खराब ट्राईसाइकिल पहुंच गई है तो वह उनसे बदल सकता है। अभी स्टॉक में 25 ट्राईसाइकिलें रखीं हैं।
ट्राईसाकिल की तीलियां टूटी होने की जानकारी देतीं समरुन बेगम। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD