फर्रुखाबाद। न्यायिक दंडाधिकारी (जूनियर डिवीजन) त्वरित न्यायालय की न्यायिक मजिस्ट्रेट आयुशी गोस्वामी ने दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में आरोपी को पत्नी के आरोपों से मुकरने के चलते दोषमुक्त किया।
मेरापुर थानाक्षेत्र के गांव पखना निवासी रुकसार ने शहर कोतवाली के मोहल्ला डिग्गीताल निवासी पति इरफान अली के खिलाफ वर्ष 2016 में परिवाद दर्ज कराया था। इसमें कहा कि उसकी शादी सात मई 2013 को हुई थी। शादी के बाद पति दहेज में बाइक, सोने की चेन की मांग कर प्रताड़ित करने लगा। मांग पूरी न होने पर तीन अगस्त 2015 को मारपीट कर उसको घर से निकाल दिया। पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद आरोपी पति को तलब किया गया। पति ने दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में जमानत कराई।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान रुकसार ने कोर्ट में कहा कि पति से घरेलू बातों को लेकर कहासुनी होने पर मतभेद हो गए थे। पति ने कोई दहेज की मांग नहीं की और न ही प्रताड़ित किया। पति से आपसी समझौता हो गया है। जिसके अनुसार निकाह में दिए गए समस्त दान दहेज को 29 अक्तूबर 2021 को पति से ले लिया है। पति के खिलाफ परिवाद दर्ज कराने के दौरान जो आरोप लगाए थे, उन आरोपों का पत्नी ने समर्थन नहीं किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुकदमे की सुनवाई के बाद आरोपी पति को दोषमुक्त किया। मिथ्या साक्ष्य देने के आरोप में पत्नी रुकसार के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।