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हाथ-पैर बांधकर गला रेतने के बाद युवक की गोली मारकर हत्या

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अमृतपुर में घटना की जानकारी करते आईजी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे युवक की जमीन की रंजिश में परिवार के लोगों ने ही हाथ-पैर बांधकर गला रेतने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे युवक के माता-पिता को भी गोली मारकर घायल कर दिया।
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दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमृतपुर थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी के घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज परिजनों ने दोनों पर हत्यारोपियों से मिलीभगत होने का आरोप लगाया और पुलिस के शव उठाने का विरोध किया। मामले में पीड़ित पक्ष ने 11 लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अमृतपुर गांव निवासी दिनेश चंद्र अवस्थी खेती करते हैं। उनके परिवार के ही रामबाबू उर्फ बदल्ला अवस्थी से साढ़े पांच डिसमिल जमीन पर कब्जे को विवाद चल रहा है। दिनेश का बेटा पीयूष अवस्थी (22) दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा था। वह एक माह पहले ही गांव आया था। शनिवार सुबह पीयूष स्नान करने के बाद घर के बाहर शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए जा रहा था।
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शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय परिवार के लोगों ने ही उसे दबोच लिया। उसे पकड़कर विवादित भूमि पर बनी झोपड़ी में ले गए। वहां पीयूष के हाथ-पैर बांधने के बाद आरोपियों ने उसका धारदार हथियार से गला रेता और सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की जानकारी पाकर दिनेश ने थानाध्यक्ष सुनील सिंह परिहार व चौकी प्रभारी सुनील यादव को फोन पर पूरा वाकया बताया।
जब पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो दिनेश बीच-बचाव करने मौके पर पहुंच गए। इस पर हमलावरों ने उन्हें भी गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर उनकी पत्नी मीरा देवी दौड़ी तो हमलावरों ने उन्हें भी गोली मारकर घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी भाग गए। घायल दंपती को पहले लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां से दोनों को लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
पति के चेहरे व पत्नी के पैर में लगी गोली
बताया गया कि हमले में दिनेश को चेहरे में गोली लगी है। वहीं, उनकी पत्नी मीरा देवी को पैर में गोली लगी है। घटना के दौरान पुलिस ने कई राउंड गोली चलाई। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए, लेकिन ग्रामीणों ने न तो हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया और न ही पीयूष की जान बचाने का प्रयास ही किया।
शव उठाने का किया विरोध
घटना की सूचना पर राजेपुर थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम व सीओ अमृतपुर अजेय कुमार अवस्थी मौके पर पहुंच गए। इसके एक घंटे बाद अमृतपुर थानाध्यक्ष सुनील सिंह परिहार व चौकी प्रभारी सुनील यादव वहां पहुंचे। पुलिस ने पीयूष के शव को उठाने का प्रयास किया, तो चचेरे भाई अधिवक्ता अमित अवस्थी ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने अमृतपुर थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया।
घटना की जानकारी पर एसपी घटनास्थल पर पहुंच गए। अमित ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को विवादित जमीन पर बनी झोपड़ी में आरोपियों ने पुलिस कर्मियों को दावत दी थी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी की भूमिका की जांच एएसपी अजय प्रताप को सौंपी है। उन्होंने परिजनों को आठ घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने का भरोसा दिया है।
चार महिलाओं समेत 11 के खिलाफ दी तहरीर
दिनेेश चंद्र अवस्थी के दूसरे बेटे अनुभव ने पीयूष की हत्या व माता-पिता को घायल करने के मामले में परिवार के ही रामबाबू उर्फ बदल्ला अवस्थी, अरुण कुमार उर्फ नन्हें लला, विपिन कुमार, विनोद कुमार अवस्थी, अंकित, अनमोल, प्रीती, सीमा, अलका, मुस्कान व अक्षत के खिलाफ तहरीर दी।
पुलिस सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर रही है। पहले अनुभव ने तहरीर में थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी का नाम भी लिखा था, लेकिन अफसरों ने मुकदमा कमजोर होने की बात कहकर दोनों के नाम तहरीर से हटवा दिए।
सीसीटीवी में कैद हुए हमलावर
हत्या करने के बाद आरोपी असलहे लेकर जा रहे थे। उसी दौरान वह गांव के रामदुलारे अवस्थी के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। इसमें सभी हमलावर असलहे लिए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने कैमरे के फुटेज कब्जे में ले लिए हैं।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून का नमूना लिया। साथ ही आसपास से साक्ष्य एकत्र किए। टीम ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी की। फोटोग्राफ भी लिए हैं।
आधा किलोमीटर दूर है पुलिस चौकी
पुलिस अगर सही समय पर पहुंच जाती तो घटनास्थल पर ही आरोपी पकड़े जाते। पर, पुलिस काफी देर तक नहीं पहुंची और आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग गए। बताया कि घटनास्थल से पुलिस चौकी की दूरी आधा किलोमीटर है। वहीं थाने से घटनास्थल डेढ़ किलोमीटर है। वहां पहुंचने में पुलिस को 20 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
वारंट होने पर भी पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार
वर्ष 2020 में आरोपियों ने जमीनी रंजिश में दिनेश चंद्र अवस्थी के साथ घर में घुसकर मारपीट की थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कुछ दिन पहले कोर्ट से वारंट जारी किए थे। इसके बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
11 नवंबर 2020 को दिनेश का बेटा अनुुुभव चचेरे भाई आलोक अवस्थी के साथ नवाबगंज उसकी ससुराल गया था। रास्ते में हमलावरों ने अनुभव को चाकू मारकर घायल कर दिया था। यह मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। दिनेश चंद्र अवस्थी ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
दिनेश के पिता ने आरोपियों को गांव में बसाया था
दिनेश चंद्र अवस्थी के परिवार के रामबाबू उर्फ बदल्ला परिवार के साथ जिला शाहजहांपुर के थाना कलान क्षेत्र के कबरा गांव में रहते थे। दिनेेश के पिता गंगाधर अवस्थी ही इन लोगों को वहां से बुलाकर यहां बसाया था।
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