फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने 18 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में पांच लोगों को दोषी पाकर सात साल कैद की सजा सुनाई है। 15-15 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव मुरैली निवासी राजकुमार के बाबा अर्जुन सिंह गिरी पूजा अर्चना करते थे। गांव के जयवरन यादव, रामवीर यादव उर्फ पप्पू, बृजेेश कुमार उर्फ पिंकी, सत्यपाल यादव, सुनील यादव को बाबा अर्जुन सिंह गिरी ने मंदिर के पास जुआ खेलने से मना किया था। इससे नाराज होकर जयवरन व अन्य लोगों ने बाबा को जान से मारने की धमकी दी थी।
18 मार्च 2004 को पिता बृजभान सिंह परिवार के जीत सिंह व मुन्नालाल को लेकर बाबा अर्जुन गिरी की सुरक्षा के लिए मंदिर गए। वहां रात में जयवरन यादव, रामवीर यादव उर्फ पप्पू, ब्रजेश कुमार उर्फ पिंकी, सत्यपाल व सुनील लाठी-डंडे लेकर आए। गाली गलौज कर सभी लोगों से मारपीट की। इसमें पिता बृजभान सिंह, वीर जीत सिंह, मुन्नालाल व बाबा अर्जुन सिंह गिरी गंभीर घायल गए।
राजकुमार ने पांचों हमलावरों के खिलाफ शमसाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। घायल जीत सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। विवेचक ने जांच के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह, केके पांडेय और अखिलेश कुमार सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने जयवरन यादव, रामवीर यादव उर्फ पप्पू, ब्रजेश कुमार उर्फ पिंकी, सत्यपाल व सुनील यादव को गैर इरादतन हत्या व अन्य अपराधों में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।