फर्रुखाबाद। बंधक बनाकर मारपीट करने, खतना करवाने के मामले में डाक्टरी परीक्षण कराने आए किशोर को लेकर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में विवाद हो गया। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता और किशोर की मां के साथ आए युवक से मारपीट हो गई। सूचना पर सीओ सिटी, कोतवाल और पीएसी पहुंच गई। हिंदूवादी नेताओं की कोतवाल से नोकझोंक हो गई। बाद में सीएमएस की मौजूदगी में किशोर को सैफई के लिए रेफर कर दिया गया।
शमसाबाद थाने के एक गांव निवासी महिला ने गांव के मो हज्जिम, अंजुम, चमन व अमन के खिलाफ नाबालिग पुत्र को अपहरण कर बंधक बनाकर भट्ठे पर काम कराने का मुकदमा दर्ज कराया था। फैजबाग चौकी प्रभारी दीपक भाटी ने जब किशोर के बयान लिये, तो कई गंभीर मामले सामने आए। उसे नमाज पढ़ने के लिए प्रताड़ित भी किया गया। यही नहीं कुछ गंभीर आरोप भी लगाए गए। पुलिस ने शमसाबाद सीएचसी पर डाक्टरी परीक्षण कराया।
चूंकि मामला खतना का था, इसलिए वहां सर्जन न होने की वजह से उसे रेफर कर दिया गया। पुलिस किशोर को लेकर दोपहर बाद लोहिया अस्पताल पहुंची। यहां उसके साथ उसके गांव का ही एक युवक भी आया। आरोप है कि युवक ने आर्थिक लाभ दिलवाकर मामला सुलटाने का प्रयास किया।
सूचना पर विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष मुकेश बाथम, जिला मंत्री दिनेश सिंह तोमर, अविनाश पांडेय, राहुल, हिंदू महासभा युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा और बजरंग दल के नेता पहुंच गए। उन्होंने इमरजेंसी के डॉ. आसिफ अली के पास महिला के साथ आए युवक को देखा, तो पारा चढ़ गया। नेताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। युवक ने जब विरोध किया, तो दोनों ओर से मारपीट हो गई। हालांकि वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने बीचबचाव कर दिया।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी अजेय शर्मा, कोतवाल विनोद शुक्ला और पीएसी पहुंच गई। उन्होंने हिंदूवादी नेताओं को बाहर निकाला, तो कोतवाल से नोकझोंक हो गई। बाद में एक घंटे तक महिला से सीओ और कोतवाल ने बंद कमरे में वार्ता की। अफसरों की सूचना पर सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त पहुंचे। उन्होंने अपनी मौजूदगी डॉ. आसिफ अली से किशोर को सैफई के लिए रेफर करवा दिया। सीएमएस ने बताया कि खतना की जांच रिपोर्ट सर्जन ही दे सकता है। अस्पताल में सर्जन नहीं है। लिहाजा उसे रेफर कर दिया गया है। शमसाबाद एसओ दिग्विजय सिंह ने बताया कि रेफर किए जाने के उन्हें कोई कागज नहीं मिले हैं। महिला किशोर के साथ अपने घर पहुंच गई।
महिला ने उतार ली चप्पल
लोहिया अस्पताल के पीकू वार्ड के हाल में हिंदूवादी नेता खड़े थे। उसी समय कुछ बात होने लगी। महिला इतनी गुस्सा गई कि हिंदूवादी नेताओं पर उसने चप्पल उतार ली। हालांकि वहां खड़े दरोगा ने बीचबचाव कर दिया।
सीओ की भूमिका संदिग्ध
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मुकेश बाथम ने कहा कि पूरा मामला काफी गंभीर है। किशोर का धर्मपरिवर्तन ही नहीं किया गया, बल्कि उसका खतना भी किया गया। पीड़ित किशोर की मां सुबह तक हम लोगों का सहयोग कर रही थी, मगर एक सीओ ने उसके गांव के ही युवक के माध्यम से बड़ी डील करवाकर महिला को समझाकर शांत कर दिया है।
महिला के घर पर पुलिस बल तैनात
शमसाबाद। पीड़िता अपने बच्चे के साथ घर पहुंच गई है। उसके घर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। महिला के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।
महिला किशोर का डाक्टरी परीक्षण कराना चाहती थी। लिहाजा उसे यहां लाया गया था। परीक्षण के लिए सर्जन न होने की वजह से रेफर कर दिया है। महिला जितनी कार्रवाई चाहेगी, उतनी ही होगी।’
अजेय शर्मा, सीओ सिटी