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खिचड़ी पर आचार संहिता व कोरोना का खौफ

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शहर के मठिया देवी मंदिर के पास खिचड़ी वितरित करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। मकर संक्रांति दो दिन मनाई गई। हर साल मंदिरों, चौराहों, तिराहों और बाजारों में होने वाले खिचड़ी भोज पर आचार संहिता और कोरोना का खौफ दिखाई दिया। भोलेपुर हनुमान मंदिर सहित कई स्थानों पर बड़े स्तर पर होने वाले खिचड़ी भोज के आयोजन समाजसेवियों ने नहीं किए। हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानों पर ही खिचड़ी बांट कर पर्व की रस्मअदायगी की गई।
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मकर संक्रांति पर सामूहिक खिचड़ी भोज करने की परंपरा है। सबसे बड़ा आयोजन भोलेपुर हनुमान मंदिर पर होता था। यहां पूरे दिन कई समाजसेवी अलग-अलग काउंटर लगाकर जमीन पर बैठाकर लोगों की मनौती करके खिचड़ी, चटनी, दही, गुड़, गजक आदि खिलाते थे, मगर इस बार मंदिर के बाहर सन्नाटा पसरा रहा।
यही नहीं बढ़पुर माता मंदिर, गुरुगांव देवी मंदिर, चौक, लालगेट, घुमना, स्टेशन रोड पर होने वाले सामूहिक भोज नहीं किए गए। इसके पीछे कोरोना संक्रमण और चुनाव आचार संहिता का खौफ माना जा रहा है।
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मठिया देवी मंदिर के पास कुछ समाजसेवियों ने खिचड़ी का प्रसाद बांटकर रस्मअदायगी की। इसके अलावा नेकपुर खुर्द स्थित गायत्री ग्रामोद्योग संस्थान परिसर में नृपेंद्र सिंह पांडेय की देखरेख में हवन का आयोजन किया गया। इसके बाद गांव की 101 कन्याओं को खिचड़ी भोज कराया। बाद में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर आलोक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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