सीएचसी शमसाबाद का निरीक्षण कर बाहर आते सीएमओ सतीश चंद्रा। संवाद
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फर्रुखाबाद/शमसाबाद। वाहिदपुर गांव में ग्रामीणों को बुखार आने की जानकारी पर सीएमओ टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने बुखार पीड़ितों को सीएचसी में भर्ती होने को कहा, लेकिन ग्रामीणों ने मना कर दिया। पुलिस बुलाने के बावजूद मरीज भर्ती नहीं हुए। तब सीएमओ के निर्देश पर जांच के लिए बुखार पीड़ितों के खून के नमूने लिए गए। वहीं बुखार से युवक की मौत होने के मामले में सीएमओ ने शमसाबाद सीएचसी पहुंच कर जांच की।
गांव वाहिदपुर में बुखार फैलने की जानकारी पर रविवार को सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा टीम के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने बुखार पीड़ित लोगों को सीएचसी पहुंच कर जांच कराने और गंभीर हालत वालों को भर्ती होने के लिए कहा। लेकिन ग्रामीणों ने भर्ती होने से इनकार कर दिया। वह जांच कराने को भी तैयार नहीं हुए। इससे परेशान होकर सीएमओ ने पुलिस को बुलाया। इसके बावजूद बुखार पीड़ित ग्रामीण भर्ती होने को तैयार नहीं हुए। तब सीएमओ के निर्देश पर टीम ने जांच के लिए बुखार पीडितों के खून का नमूना लिया। सीएमओ ने बताया कि तीन-चार लोगों को बुखार था। जांच के लिए सैंपल लिया गया है। गांव हथियापुर में भी बुखार फैलने की जानकारी पर गए। प्राथमिक विद्यालय में टीम के साथ काफी देर तक बैठे रहे, लेकिन कोई जांच कराने और दवा लेने नहीं आया। इसके बाद शमसाबाद सीएचसी का निरीक्षण किया।
सीएचसी प्रभारी धनसिंह शाक्य से शनिवार को बुखार पीड़ित युवक की मौत के संबंध में पूछताछ की। अभिलेखों को चेक किया। सीएमओ ने बताया कि युवक को उल्टी और दस्त हो रहे थे। इलाज के बाद वह ठीक हो गया और उसके कहने पर छुट्टी दी गई थी। बुखार होने की बात सामने नहीं आई। उन्होंने बताया कि गांव-गांव बुखार पीड़ितों की जानकारी रखने के लिए आशाओं को लगाया गया है। प्रधानों से संपर्क किया जाता है। ताकि बुखार फैलने की जानकारी पर टीम को भेजा जा सके। कंपिल के गांव हथवाया में किशोरी के मौत की जानकारी पर सीएचसी कायमगंज जांच करने गए। वहां पता चला कि जिस किशोरी की मौत हुई है। उसका नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था। जब परिजन सीएचसी लेकर आए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।