कायमगंज। मंडी समिति क्रय केंद्र पर अपना धान बेचने के लिए कई दिन से चक्कर काट रहे किसान ने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। बाद में चौकी से पुलिस कर्मी भी पहुंच गए, उन्होंने उसे समझाया।
मेरापुर थानाक्षेत्र के गांव दिवरा महसोना निवासी किसान नंदराम राजपूत मंडी समिति के क्रय केंद्र पर अपना धान बेचने के लिए कई दिन से चक्कर काट रहा है। शुक्रवार को उसके धान के तौल का नंबर आया तो केंद्र प्रभारी चंदौली के डिप्टी आरएमओ के साथ हुई अभद्रता के विरोध में केंद्र बंद कर जिला मुख्यालय चले गए। जिसके बाद वह उठा और क्रय केंद्र के टिनशेड पर गया। वहां कुंडे में मफलर फसाकर गले में फंदा डाल लिया। यह देखकर वहां मौजूद किसान व अन्य लोग आवाज लगाते हुए दौड़े और उसे फांसी लगाने से बचाया। सामने स्थित चौकी से पुलिस कर्मी भी पहुंच गए। उन्हें उसे समझाकर बैठा दिया। नंदराम ने बताया कि उन पर तीन लाख रुपये ट्रैक्टर का लोन है। उसे अदा करने की चिंता है। 29 दिसंबर को धान बिक्री के लिए 15 दिन पहले उन्हें ऑफलाइन टोकन मिला था।
जब नंबर आया तो ऑनलाइन टोकन मांगा गया। जब ऑनलाइन टोकन लाए तो खरीद ही बंद हो गई। किसानों को परेशान किया जा रहा है। ऐसे में किसान के पास आत्महत्या की ही रास्ता बचा है। क्रय केंद्र प्रभारी गिरीश चंद्र ने बताया कि नंदराम के पिता प्रहलाद सिंह के नाम रजिस्ट्रेशन हुआ है। खरीद बंद होने के बाद किसान को समझाया गया था कि खरीद शुरू होने पर सबसे पहले तौल करा दी जाएगी। सभी क्रय केंद्रों पर खरीद बंद हुई है, इसलिए वे मजबूर हैं।