फर्रुखाबाद। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने महाराष्ट्र के मालेगांव के मामले में मुख्यमंत्री योगी के गवाह पर दिए बयान पर कहा कि जो गवाह पहले दबाव में था, वह अभी भी हो सकता है। अभी न्यायाधीष का निर्णय नहीं आया है। निर्णय भाजपा के विरोध में आने पर क्या वे माफी मांगते हैं।
फतेहगढ़ के एक गेस्ट हाउस में शुक्रवार को कांग्रेस के युवा सम्मेलन में आए पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि वह तो हर बात पर कहते हैं कि माफी मांगनी चाहिए। हमने जब किताब लिखी तो कहा गया कि माफी मांगनी चाहिए। मालेगांव मामले पर कहा कि तब गवाह के दबाव में होने की बात कही जा रही है तो गवाह अब भी दबाव में हो सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों का मनोबल तोड़ने के बाद उनकी मांगों के माना है। यह चुनाव को देखते हुए लिया गया निर्णय है। प्रदेश में प्रियंका गांधी का नारा लड़की हूं, लड़ सकती हूं से कांग्रेस आगे बढ़ रही है।
आज भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा के बाद निर्णय नहीं आते। प्रियंका गांधी के नेतृत्व में सरकार बनी तो भर्ती प्रक्रिया सीमित समय में पूरी न होने पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों का कर्ज माफ होगा, बिजली बिल हाफ होगा और पढ़ने व बढ़ने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होंगी।
पूर्व विदेश मंत्री ने राम मंदिर के सवाल पर कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। राम मंदिर बन रहा है, पास में ही बाबरी मस्जिद बनाने का भी आदेश है। मंदिर का श्रेय ले रहे तो बाबरी मस्जिद का भी श्रेय लेना चाहिए। भगवान राम की आस्था को बांटा नहीं जा सकता। राम मंदिर में भाजपा का दफ्तर नहीं बन सकता और न ही यह कहा जाएगा कि बीजेपी के भक्तों को ही प्रवेश मिलेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 अस्थायी था। उसे तो हटना ही था पर हटाने का तरीका ठीक नहीं है। इससे अभी भी कश्मीर में स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। न चुनाव हो सका और न ही सरकार बन सकी। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि चाहे वह चुनाव जीतें या हारें, न फर्रुखाबाद छोड़ेंगे और न ही कांग्रेस। अक्सर नेताओं की पार्टियां बदल जाती हैं। पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद, प्रदेश सचिव प्रकाश प्रधान, कौशलेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष विजय कटियार, भानू चतुर्वेदी, वसीमुज्जमा खां, रमेश कठेरिया, विकास अग्निहोत्री आदि ने विचार रखे।