फर्रुखाबाद। व्यापारी मोहन अग्रवाल पर जानलेवा हमले और रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के भाई अनुुराग दुबे उर्फ डब्बन को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। मुकदमे के दो आरोपी दो दिन पहले जेल भेजे जा चुके हैं।
शहर के मोहल्ला मजीद स्ट्रीट निवासी व्यापारी मोहन अग्रवाल ने 10 अक्तूबर 2020 को मोहल्ला वृंदावन गली निवासी सोनी रस्तोगी, वंशी रस्तोगी, गौरव गुप्ता और 30 अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि तमंचे और लाठी डंडे लेकर दरवाजे पर आकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी जमीन लिखाने (खरीदने) के एवज में मांगी गई। रुपये देने से मना करने पर फायर कर दिया, जिसमें व्यापारी मोहन बाल बाल बचे। आरोप है कि हमलावरों ने दरवाजा उखाड़ कर फेंक दिया और जान से मारने की धमकी देकर चले गए।
सीओ सिटी नितेश सिंह की विवेचना में फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के ठेकेदार भाई अनुुराग दुबे उर्फ डब्बन का नाम प्रकाश में आया। इस पर शुक्रवार को अनुराग को गिरफ्तार कर लिया गया। शाम को उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद जिला जेल भेज दिया गया। सोनी व वंशी को दो दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अयोध्या से पकड़ कर लाई एसओजी
अनुराग दुबे गुरुवार रात साथियों के साथ अयोध्या भगवान राम के दर्शन करने के लिए गए थे। एसओजी प्रभारी जेपी शर्मा टीम के साथ शुक्रवार सुबह अयोध्या पहुंचकर उन्हें एक आश्रम से पकड़ा।
इनसेट
नौकर के अपहरण की अफवाह रही
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नखतपुर निवासी एक पूर्व सैनिक के नौकर के अपहरण की सूचना गुरुवार रात पुलिस को मिली। पुलिस की जांच में नौकर गांव के मकान पर मिला। इस मामले में फंसने का आरोप लगाकर बसपा नेता के परिजन सोशल मीडिया पर लोगों से मदद की अपील करते रहे।
दूसरे जिले के अधिकारी से कराई जाए जांच
अनुपम दुबे की मां कुसुमलता दुबे ने मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर अनुपम पर फर्जी मुुकदमे दर्ज करने की शिकायत की थी। पेशी के दौरान धमकी देने के मुकदमे की जांच फर्रुखाबाद के अलावा रेंज के जनपद के अधिकारी से कराने की मांग की थी। मानव अधिकार आयोग लखनऊ के सदस्य ओपी दीक्षित ने आईजी रेंज कानपुर मोहित अग्रवाल से इस मामले में जवाब मांगा है। इसमें 25 अक्तूबर तक कार्रवाई कर जवाब मांगा गया है।