फर्रुखाबाद। बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। कोरोना से बचाव के लिए 15 से 17 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण हुआ। इसमें किशोरियां ने उत्साह दिखाकर बाजी मार ली। अब तक जिले में 66,249 किशोरियां और 61,153 किशोर टीका लगवा चुके हैं।
कोरोना महामारी के बाद स्कूल खुलने पर पढ़ाई की चिंता के साथ किशोर-किशोरियों में संक्रमण का भी भय था। संक्रमण से सुरक्षा के लिए 15 से 17 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ तो किशोर-किशोरियों की हिम्मत बढ़ी।
उन्होंने कोरोना टीका लगवाने में खासा उत्साह दिखाया। जिले में 15 से 17 वर्ष के एक लाख 32 हजार 220 किशोर-किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल-कालेजों में कैंप लगाकर टीकाकरण किया। इससे इन बच्चों को उत्साह के साथ सुविधा भी मिल गई। उन्होंने खुशी से टीका लगवाकर कोरोना से खुद को सुरक्षित किया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रभात वर्मा ने बताया कि अब तक जिले में कुल 1,27,402 किशोर-किशोरियों ने टीके की पहली डोज लगवाई है। इनमें से 59,150 ने टीके की दोनों डोज लगवा ली हैं। कुल टीकाकरण में 66,249 किशोरियां व 61,153 किशोर शामिल हैं। इससे साफ है कि टीका लगवाने में किशोरियों ने किशोरों से भी अधिक उत्साह दिखाया है।
शहर के मोहल्ला बजरिया निवासी इंटरमीडिएट की छात्रा तान्या अग्निहोत्री ने बताया कि वह टीके की दोनों डोज लगवा चुकी हैं। इससे वह खुद को कोरोना से सुरक्षित महसूस कर रही हैं। अब कालेज जाने में उन्हें संक्रमण का डर नहीं लगता। फिर भी मास्क लगाने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रही हैं।
शहर के मोहल्ला नुनहाई निवासी हाईस्कूल की छात्रा वैष्णवी तिवारी का कहना है कि टीके की दोनों डोज लगवाने के बाद वह खुद को संक्रमण से सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्हें संक्रमण का खतरा कम होने से मम्मी-पापा की चिंता भी कम हुई है। उन्होंने अपनी सहेलियों को भी प्रेरित कर टीके लगवा दिए हैं।
वैष्णवी तिवारी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD