अयोध्या। राममंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। नींव भराई का काम लगभग पूरा होने को है। इस बीच देश-विदेश के रामभक्तों को राममंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराने की मुहिम भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चला रखी है।
विहिप व संघ के कार्यकर्ताओं व प्रचारकों सहित साधु-संतों के माध्यम से देश-विदेश के भक्तों तक राममंदिर निर्माण की जानकारी पहुंचाई जा रही है।
इसी अभियान के तहत प्रतिदिन भारत के कोने-कोने से संतों, विहिप व संघ के प्रचारकों का जत्था अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगा रहा है।
दिल्ली से संघ के प्रचारकों व कार्यकर्ताओं के 60 सदस्यीय दल ने गुरुवार को भी अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और राममंदिर निर्माण की प्रगति भी देखी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संघ के प्रचारकों को राममंदिर निर्माण कार्य का दिखाकर उन्हें मंदिर निर्माण की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई।
महासचिव ने बताया कि राममंदिर की नींव करीब 46 लेयर में भरी जानी है, अब तक 42 लेयर भरी जा चुकी है। इसके बाद 16 फीट ऊंचे प्लिंथ का निर्माण होगा, इसी प्लिंथ पर राममंदिर का गर्भगृह आकार लेगा।
चंपत राय ने आश्वस्त किया कि राममंदिर सदियों तक अक्षुण्ण रहेगा। ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने कहा कि देश भर के लोगों में राममंदिर निर्माण को लेकर अपार खुशी है।
कोरोना काल चल रहा है ऐसे में दूर-दराज के भक्त अयोध्या नहीं आ पा रहे हैं। इसलिए संतों, विहिप व संघ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व प्रचारकों के माध्यम से देश-विदेश में रह रहे भक्तों तक मंदिर निर्माण की प्रगति पहुंचाई जा रही है।
एक महीने में तमाम हस्तियों ने रामलला के दरबार पहुंचकर पूजा-अर्चना के साथ-साथ मंदिर निर्माण की प्रगति भी देखी है। श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से तमाम विशिष्ट हस्तियों का आगमन इस बात का संकेत है कि अयोध्या की धार्मिकता सभी को आकर्षित कर रही है।
बताया कि अगस्त माह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व राज्यपाल भी दर्शन करने आ चुकी हैं। इसके अलावा राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश भी राममंदिर निर्माण कार्य का दर्शन करने आ चुके हैं।