अयोध्या। जिले में संक्रामक रोगों का कहर बढ़ता जा रहा है। डेंगू भी पांव पसार रहा है। अगस्त माह से अब तक जिले में छह मरीज मिल चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार किसी को इससे घबराने की जरूरत है। जनवरी माह से अब तक पाए गए सभी 10 मरीजों की हालत सामान्य है। इसके साथ ही भविष्य में भी इलाज के पुख्ता इंतजाम का दावा किया जा रहा है। दवाएं व प्लेटलेट्स की भी पर्याप्त उपलब्धता है। इसके लिए आमजन को इसके प्रति सजग रहने व पूरी सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
जिले में इन दिनों वायरल बुखार का कहर चल रहा है। जिले के लगभग सभी अस्पतालों में बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम, बदन दर्द सहित अन्य मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है। बरसात के मौसम का दो माह का समय बीत जाने के बाद जगह-जगह हुए जलभराव में उत्पन्न हुए डेंगू के मच्छर भी अब डंक मारने लगे हैं। नतीजतन डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। अब तक जिले में डेंगू के 10 व मलेरिया के चार मरीज मिल भी चुके हैं।
इनमें डेंगू के छह मरीज अगस्त माह से अब तक पाए गए हैं, जिनका इलाज किया गया है। हालांकि, अब तक जिले में किसी भी मरीज की डेंगू की चपेट में आने से मौत नहीं हुई है। जिले में डेंगू के जांच के लिए जिला अस्पताल स्थित क्षेत्रीय निदान केंद्र में व्यवस्था है। यहां से पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों का जिला अस्पताल में बने 10 बेड के रिजर्व वार्ड में इलाज किया जाता है। जिला अस्पताल में स्थापित 600 यूनिट क्षमता के ब्लड बैंक में हर समय प्लेटलेट्स की उपलब्धता रहती है।
यहां बुधवार को भी 29 यूनिट प्लेटलेट्स विभिन्न रक्त समूहों का स्टॉक में रखा गया था। जबकि डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बाद से 16 यूनिट प्लेटलेट्स मरीजों को चढ़ चुका है। इसके अलावा राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में बने एक हजार यूनिट क्षमता के ब्लड बैंक में भी पांच यूनिट प्लेटलेट्स रिजर्व में रखा जाता है। इस तरह मौजूदा समय में करीब 34 यूनिट प्लेटलेट्स की उपलब्धता है।
वहीं, ग्रामीणांचल स्तर भी डेंगू से लड़ने की व्यवस्था बनाई गई है। सभी सीएचसी पर पांच-पांच बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। यहां पर्याप्त मात्रा में पैरासीटामॉल व अन्य जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। मलेरिया इकाई की ओर से क्षेत्रों का भ्रमण भी किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभी तक जिले में किसी भी क्षेत्र से बुखार का अधिक प्रकोप बढ़ने की सूचना भी नहीं मिली है।
डेंगू से ऐसे करें बचाव
छत व टायर, पुराने बर्तनों में जलभराव न होने दें।
कूलर या फ्रिज का पानी बदलते रहें।
घर के आसपास पानी न जमा होने दें।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
स्वच्छ पानी पिएं। पूरी बांह के कपड़े पहनें।
घर की खिड़कियों व रोशनदान आदि पर महीन जाली लगवाएं।
बुखार आने पर नजरअंदाज न करें। पैरासीटामॉल का सेवन करें, आराम न होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
मच्छरजनित रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है, लेकिन सब कुछ नियंत्रण में है। अगस्त माह से अब तक सिर्फ छह मरीज डेंगू के मिले हैं, जिनका इलाज किया गया है। कोई गंभीर स्थिति नहीं है। टीमें लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रही हैं, कहीं से किसी तरह की भयावह स्थिति सामने नहीं आई है। आमजन का सहयोग मिला तो स्थिति बेहतर होगी। -एमए खान, जिला मलेरिया अधिकारी, अयोध्या
अस्पताल में डेंगू जांच की सुविधा के साथ-साथ इलाज के भी पर्याप्त इंतजाम हैं। प्लेटलेट्स व प्लाज्मा की हर समय उपलब्धता रहती है। मौजूदा समय में भी पर्याप्त स्टॉक है। दवाएं भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। संबंधित कर्मचारियों को हर क्षण अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।-डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल, अयोध्या