अयोध्या। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कामगार संगठनों द्वारा घोषित दो दिन की हड़ताल का असर जिले में भी दिखा। जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में कामकाज ठप रहा।
बीमा, बीएसएनएल, बिजली, रेल कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। बैंक यूनियन के नेताओं के अनुसार कामकाज ठप होने से करीब 500 करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ।
इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में आल इंडिया बैंक एंप्लॉयस एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन, बीइएफए ने भाग लिया। एआईबीईए के बैनर तले प्रदेश के यूपी बैंक एंप्लॉयज यूनियन के सहायक महामंत्री केके रस्तोगी के नेतृत्व में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की 12 सूत्री मांगों और बैंक यूनियंस की आठ मांगों के समर्थन में बैंक कर्मियों ने इंडियन बैंक अंगूरी बाग शाखा के सामने प्रदर्शन कर सभा की।
इसमें भारत सरकार की श्रमिक विरोधी, बैंकों के निजीकरण की नीति, न्यू पेंशन नीति, बैंकों में आउट सोर्सिंग नीति, ब्याज कम करने और फालतू सर्विस चार्ज लेने, पेंशन अपडेशन न करने की नीति की निंदा की गई।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स अयोध्या के संयोजक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि इस हड़ताल को बैंकिंग उद्योग के जो संगठन हड़ताल पर नहीं है उन सभी का नैतिक समर्थन प्राप्त है।
सभा को यूपीबीईयू के अध्यक्ष दिनेश कुमार तिवारी, संयुक्त मंत्री शोभनाथ, आरएस उपाध्याय, डीएन तिवारी,अमित यादव समेत अन्य ने संबोधित किया।
वहीं, राष्ट्रीयकृत बैंकों में जनता का कार्य प्रभावित रहा, कुछ एटीएम खुले रहे तो कुछ बंद रहे, अधिकारी संगठन हड़ताल पर नहीं रहा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और प्राइवेट बैंकों में हड़ताल का प्रभाव नहीं रहा।
सभा के अंत में केके रस्तोगी ने बताया कि हड़ताल के चलते सोमवार को जिले में करीब 500 करोड़ का लेन देन प्रभावित रहा। हड़ताल के समर्थन में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मियों ने भी प्रदर्शन किया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आरडी आनंद ने रिक्त पदों को भरने की मांग की। इस दौरान सीएम पांडेय, देेंशु गौड़, कामता तिवारी, संलीव सिंह, शकुंतला पांडेय समेत अन्य कमी मौजूद रहे।
अखिल भारतीय रेल डाक सेवा व मेल मोटर सेवा कर्मचारी संघ ने भी अयोध्या कैंट स्टेशन पर प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाल करने, रेल का निजीकरण बंद करने की मांग शामिल रही।
प्रदर्शन करने वालों में शाखा सचिव श्वेता कुमारी, मंडलीय सचिव संदीप सिंह, सौरभ सोनी, राहुल कुुमार, अरविंद पांडेय समेत अन्य शामिल रहे। केंद्र व राज्य सरकारों की निजीकरण की नीतियों एवं इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में अयोध्या जनपद के विद्युत कर्मचारी संघ भी हड़ताल में शामिल हुआ।
बीएसएनएल कर्मियों ने भी प्रदर्शन किया। हड़ताल का असर आम जनजीवन पर दिखाई पड़ा। बैंकों में लेन देन के लिए आने वाले लोगों को बैरंग वापस होना पड़ा।
बीएसएनएल में अपने निजी कार्य से आए शहर निवासी जसवीर सिंह ने कहा कि हड़ताल की जानकारी पूर्व में देनी चाहिए, इससे आम आदमी को परेशान नहीं होना पड़ता। शहर निवासी आशीष सिंह ने कहा कि हड़ताल की जगह विरोध जताने के अन्य तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में सोमवार को आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन (ऐक्टू), भाकपा (माले) व इंकलाबी नौजवान सभा ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र की भाजपा सरकार देश की संपत्तियों को निजीकरण के नाम पर कौड़ियों के भाव अपने चहेते पूंजीपतियों के झोली में डाल रही है। रोजगार के अवसर समाप्त किए जा रहे हैं।
ज्ञापन देने वालों में ऐक्टू जिला संयोजक राम भरोस, भाकपा माले जिला प्रभारी अतीक अहमद, इनौस जिला संयोजक अजय शर्मा चंचल, राजेश वर्मा, राम सिंह, दिलीप गुप्ता आदि शामिल रहे।
कई राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल के चलते कामकाज ठप रहा। कुछ बैंकों का हड़ताल को समर्थ तो था लेकिन उन्होंने कार्य किया। करीब 500 करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ।- राजेश कुमार, लीड बैंक मैनेजर अयोध्या