राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को समाप्त हुई। बैठक में राम मंदिर निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ भक्तों की सुविधाएं व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहन मंथन किया गया। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के समक्ष इंजीनियरों ने आगे की कार्ययोजना प्रस्तुत की। जिसके तहत जुलाई से राम मंदिर का गर्भगृह आकार लेने लगेगा। जून तक प्लिंथ का निर्माण कार्य पूरा किया जाना है। मार्च से वंशी पहाड़पुर के पत्थरों की आपूर्ति भी शुरू किए जाने को लेकर चर्चा हुई।
राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक में दूसरे दिन सर्किट हाउस में दो पालियों में बैठक संपन्न हुई। पहली पाली में जहां राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन किया गया तो वहीं दूसरी पाली में मंदिर निर्माण की आगे की कार्ययोजना का प्रजेंटेशन इंजीनियरों ने समिति अध्यक्ष व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के समक्ष किया।
मंदिर के प्लिंथ का काम चल रहा
बैठक समाप्त होने के बाद राममंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा नृपेंद्र मिश्र द्वारा की गई है। अभी राम मंदिर के प्लिंथ का काम चल रहा है। जिसके तहत पहली लेयर बनाई जा रही है। अब तक प्लिंथ में लगने वाले ग्रेनाइट के 700 पत्थरों की आपूर्ति हो चुकी है। कुल 17 हजार पत्थर प्लिंथ में लगने हैं।
वंशी पहाड़पुर के पत्थरों से गर्भगृह बनाया जाएगा
बताया कि अभी प्लिंथ निर्माण के लिए प्रतिदिन 20 से 25 पत्थर लगाए जा रहे हैं। इस कार्य में तेजी लाने का निर्णय हुआ है। जिसके तहत मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि एक दिन में 80 से 100 पत्थर प्लिंथ में लगाए जा सकें। जून तक यह कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। इसके तुरंत बाद गर्भगृह को आकार देने का काम शुरू हो जाएगा। वंशी पहाड़पुर के पत्थरों से गर्भगृह बनाया जाएगा। पत्थरों की आपूर्ति मार्च से प्रारंभ कर दी जाएगी।
2023 तक भक्तों को भव्य गर्भगृह में रामलला का दर्शन
कहा कि हमारा लक्ष्य है कि दिसंबर 2023 तक भक्तों को भव्य गर्भगृह में रामलला का दर्शन प्राप्त हो सके। इसी समय सीमा को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है। बताया कि बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, रामजन्मभूमि के सुरक्षा सलाहकार केके शर्मा, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित एलएंडटी, टाटा व ट्रस्ट के इंजीनियर मौजूद रहे।
रामनगरी की सुरक्षा व प्रकाश व्यवस्था को हाईटेक बनाने पर चर्चा
ट्रस्ट की बैठक में भक्तों की सुविधाएं व रामजन्मभूमि सहित संपूर्ण अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन किया गया है। बैठक में शामिल होने के लिए अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी रविवार सुबह फिर अयोध्या पहुंचे। इससे पहले वे शनिवार शाम समिति की बैठक में बीएसएफ के रिटायर्ड डीजी व रामजन्मभूमि के सुरक्षा सलाहकार केके शर्मा के साथ शामिल हुए थे। बैठक के बाद रात में ही वे लखनऊ चले गए थे। रविवार की सुबह बैठक में शामिल होने के लिए वे फिर पहुंचे।
रामजन्मभूमि की सुरक्षा को हाईटेक करने को लेकर चर्चा
राममंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि पहली पाली में हुई बैठक में भक्तों की सुविधाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन किया गया है। कहा कि तय हुआ है कि आधुनिक प्रणाली से रामनगरी सहित राममंदिर की सुरक्षा घेरा सख्त किया जाएगा ताकि मैन पॉवर का इस्तेमाल कम हो। रामजन्मभूमि की सुरक्षा को हाईटेक करने को लेकर चर्चा हुई। साथ ही रामजन्मभूमि परिसर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी मंथन किया गया है। किस तरह से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को राममंदिर की भव्यता आकर्षित करे इसको लेकर राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा ने प्रेजेंटेशन भी दिया है।
रिटेनिंग वॉल निर्माण में बढ़ेगी मजदूरों की संख्या
ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर निर्माण के साथ ही साथ मंदिर के तीन तरफ रिटेनिंग वॉल का भी निर्माण किया जा रहा है। इस काम में तेजी लाने के लिए अब मजदूरों की संख्या बढ़ा दी गई है। प्राकृतिक आपदाओं से राममंदिर को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर की तीन दिशा में रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है। सबसे पहले पश्चिम दिशा से काम शुरू हुआ है। इसके बाद दक्षिण व उत्तर दिशा में रिटेनिंग वॉल बनाई जाएगी जो 12 मीटर गहरी होगी। यह दीवार राममंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखेगा। भूकंप, सरयू नदी के तेज प्रवाह आदि से रिटेनिंग वाल मंदिर को सुरक्षित रखने में कामयाब हो इसलिए इसकी मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।