अयोध्या। प्रदेश में लगातार दूसरी बार बन रही भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ का राजतिलक रामनगरी के संत अयोध्या के चंदन, माला व प्रसाद से करेंगे। इसके लिए अयोध्या से 20 संतों के साथ दो हजार कार्यकर्ताओं का काफिला शुक्रवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचेगा। उत्साही कार्यकर्ता शपथ ग्रहण के दौरान शहर के सभी प्रमुख मंदिरों व शक्ति केंद्रों पर भी विशेष पूजा अर्चना करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह का जिले में चिह्नित जगहों पर लाइव प्रसारण भी होगा।
रामनगरी के संत व धर्माचार्य इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण का हिस्सा बनने को लेकर रोमांचित हैं। इस लिए शपथ ग्रहण के दौरान योगी का राजतिलक करने के लिए सभी संत अयोध्या से अपने साथ चंदन, माला व प्रसाद लेकर लखनऊ पहुंच रहे हैं। सभी ने योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरे कार्यकाल की सफलता की कामना की है। उनका कहना है कि नयी सरकार में सब नर करहिं परस्पर प्रीती की भावना साकार होती दिखेगी। उत्तरप्रदेश का विकास मॉडल सभी के लिए भविष्य में नजीर बनेगा। संतों ने उम्मीद जताई है योगी की अगुवाई में प्रदेश इस बार सर्वोत्तम प्रदेश के रूप में विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
मणिरामदास की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि पीएम मोदी व सीएम योगी के नेतृत्व में राष्ट्रमंदिर की परिकल्पना पिछले कुछ वर्षों में साकार होती दिखी है। प्रदेश अराजकता से मुक्त है, राम राज्य की अवधारणा मूर्त रूप लेती दिखती है। दीपोत्सव जैसे आयोजन से अयोध्या में त्रेतायुग जमीन पर उतर आता है। योगीजी का आने वाला कार्यकाल भी एक नई इबारत लिखे यही हम सभी का आशीर्वाद है।
बावन मंदिर के महंत वैदही वल्लभ शरण ने कहा कि योगी के दूसरे कार्यकाल में उत्तरप्रदेश अब उत्तम प्रदेश के बतौर विकास के नए आया स्थापित करेगा। सदियों तक संतप्त रही अयोध्या ने पिछले कुछ सालों में जिस वैभव की परिकल्पना तैयार की है उसका श्रेय सिर्फ मोदी व योगी को ही जाता है। एक संत ही धर्म, संस्कृति, विरासत के संरक्षण को लेकर काम कर सकता है।
महंत सुरेश दास ने कहा कि संतों का आशीर्वाद है योगी राज का दूसरा कार्यकाल काफी बेहतर होगा। योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के रूप जो एक छवि पिछले कार्यकाल में हम सबके लिए प्रस्तुत की वह प्रेरणादायी है। उन्होंने प्रदेश में एक तरफ व्याप्त भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी को समाप्त किया तो दूसरी तरफ सबका साथ, सबका विकास के साथ सबका विश्वास भी जीता है।
जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य ने कहा कि अगले पांच वर्षों में रामराज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में सब नर करहिं परस्पर प्रीती की अवधारणा साकार होती दिखेगी। बिना भेदभाव के सबका साथ सबका विकास की परिकल्पना को पिछले कार्यकाल में मूर्त रूप देने का काम योगी सरकार के पहले कार्यकाल में हुआ है। योगीराज में भगवान राम के राज्य की छवि दिखाई पड़ती है।
श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि जो सरकार राष्ट्र, देश, समाज के उत्थान के प्रति समर्पण का भाव रखती है संत समाज उसके साथ है। योगीराज में पिछले पांच सालों में समरसता की तस्वीर दिखाई पड़ी है। बिना किसी भेदभाव के कार्यों को अंजाम दिया गया। सबका साथ, सबका विश्वास के ध्येय पर योगी सरकार खरी उतरी है। हमें पूरी उम्मीद है कि नए कार्यकाल में पिछली सफलताएं नई बुलंदियों पर होंगी।
अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत गौरीशंकर दास ने कहा कि शासन की आर्दश पद्धति ही रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने वाली है। इसी पद्धति को आगे बढ़ाने में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के रूप में पिछले पांच सालों से प्रयासरत हैं, अब एक बार फिर उन्होंने जनता का विश्वास जीता है। उम्मीद है कि योगी राज में सुशासन की परिभाषा गढ़ी जाएगी। संतो का आशीर्वाद है कि सुशासन की सुखद कल्पना योगी राज में साकार होती दिखे।