अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। प्राधिकरण उपाध्यक्ष पर आरोपों की बौछार हो गई। सरयू के कछार से सटी प्राधिकरण की जमीनों के अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा भी बैठक में गूंजा।
बैठक में वीसी के खिलाफ आरोपों के मद्देनजर वेतन के अलावा किए जाने वाले अन्य भुगतानों को रोक दिया गया है। कमिश्नर सूर्यप्रकाश मिश्र ने अवैध प्लॉटिंग सहित अन्य मामलों की जांच का आदेश दे दिया है।
विकास प्राधिकरण बोर्ड बैठक शुरूआत से ही हंगामाखेज रही। बैठक में सदस्यों ने प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश कुमार पर धन उगाही, भूमाफिया से सांठगांठ करके अवैध प्लॉटिंग कराए जाने सहित कई अन्य आरोप जडे़।
सदस्यों ने बैठक में अधिशाषी अभियंता रायजादा के रहते हुए मातहत इंजीनियर से उनका कार्य लिए जाने का मामला भी गूंजा। आरोप रहा कि बैठक में भी उन्हें न बुलाकर मातहत अफसर को बुलाया गया। कहा गया कि धारा रोड अफीम कोठी से उदया पब्लिक स्कूल तक कछार से सटी प्राधिकरण की जमीनों को अवैध रूप से प्लॉटिंग करके बेंचा जा रहा है।
जबकि इस जमीन पर पहले प्राधिकरण की जमीन होने का बोर्ड लगाया गया था लेकिन अब इसे हटा लिया गया। बोर्ड बैठक में कमिश्नर सूर्यप्रकाश मिश्र ने मामलों की जांच कराए जाने का आदेश दिया है। बोर्ड ने उपाध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों के मद्देनजर प्राधिकरण के कर्मियों के वेतन को छोड़कर ठेकेदारों को दिए जाने वाले भुगतान सहित अन्य सभी प्रकार के भुगतान पर जांच रिपोर्ट आने तक के लिए रोक लगा दी है।
जांच के दायरे में अधिशाषी अभियंता के होते मातहत अफसर से काम कराए जाने के साथ ही सरयू कछार में प्राधिकरण की भूमि की अवैध प्लॉटिंग और बिक्री को शामिल किया गया है। कमिश्नर ने पांच सदस्यीय कमेटी से जांच कराए जाने का आदेश दिया है।
बोर्ड ने प्रस्तुत किए गए पांच नक्शों के परीक्षण के बाद पखवारे बाद बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत करने के लिए कहा है। बैठक में फैजाबाद नगर पालिका अध्यक्ष विजय गुप्ता, मनोज जायसवाल, लीलावती विश्वकर्मा, हलीम पप्पू, उपाध्यक्ष राजेश कुमार के साथ ही विभाग के अन्य अफसर मौजूद थे।