अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि में रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या में अब फिर से वृद्धि हो रही है। कोरोना संक्रमण के चलते रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या घटकर आधी हो गई थी।
बाहरी श्रद्धालुओं का आगमन न के बराबर हो गए थे, जिसके चलते राममंदिर निर्माण के लिए आने वाले दान में भी कमी आई थी। अब जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने का सिलसिला लगभग थम सा गया है तो रामलला के दरबार में भी रौनक लौटने लगी है।
प्रतिदिन करीब 10 हजार श्रद्धालु दर्शन-पूजन को पहुंच रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जब से राममंदिर निर्माण कार्य देखने की सुविधा भक्तों के लिए की है तब से रामलला के दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ रही थी।
एक जनवरी 2022 को रामलला के दर्शन का रिकॉर्ड टूट गया था। एक दिन में ही एक लाख 12 हजार भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी। इसके बाद से लगातार रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या में वृद्धि होती गई।
औसतन प्रतिदिन 15 हजार भक्त रामलला के दर्शन-पूजन को पहुंच रहे थे। इस बीच एक बार फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा तो अयोध्या में दर्शनार्थियों की संख्या तेजी से घटने लगी, इसका असर रामलला के दरबार में भी पहुंचा।
दर्शनार्थियों की संख्या घटकर तीन से पांच हजार तक पहुंच गई थी। इस बीच जब कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई तो रामनगरी भक्तों से गुलजार होने लगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि बसंत पंचमी से लेकर माघ पूर्णिमा तक रामलला के दरबार में भक्तों की भीड़ रही।
बसंत पंचमी पर जहां करीब सात हजार भक्तों ने दर्शन-पूजन किया था तो वही माघ पूर्णिमा 17 फरवरी को 10 हजार से अधिक भक्तों ने रामलला का दर्शन-पूजन किया।
अब प्रतिदिन करीब 10 हजार भक्त रामलला के दर्शन-पूजन को पहुंच रहे हैं। बताया कि राममंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय पर नगदी के रूप में आने वाले दान में भी इजाफा हुआ है।
प्रतिदिन करीब 30 हजार की नगदी दान के रूप में कार्यालय पर आ रही है। रामलला का दर्शन करने पहुंचे लखनऊ निवासी पेशे से कारोबारी संजय मित्तल रामलला का दर्शन कर लौट रहे थे।
बोले कि जनवरी माह में रामलला के दर्शन की योजना बनाई, कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई और योजना स्थगित करनी पड़ी। अब कोरोना संक्रमण घट गया है तो रामलला का दर्शन करने परिवार के साथ आए हैं।
राममंदिर निर्माण कार्य देखकर यह अंदाजा लग गया है राममंदिर भव्यता की मिसाल होगी। गुजरात से आए हरेंद्र भाई, नीता बेन भी दर्शन कर निहाल दिख रहीं थीं। बोली कि अब तो कोई बाधा नहीं है, भक्तों के लिए ट्रस्ट को सुविधाएं भी विकसित करनी चाहिए।