अयोध्या। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 29 अगस्त को अयोध्या आएंगे। उनका कार्यक्रम अब फाइनल हो गया है। आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रपति अयोध्या में रामलला का दर्शन करने आ रहे हैं।
वह 29 अगस्त को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से प्रेसीडेंशियल ट्रेन से अयोध्या पहुंचेंगे। अपने करीब चार घंटे के अयोध्या प्रवास के दौरान वह रामलला का दर्शन-पूजन करने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।
संभावना है कि वह रामायण कॉन्क्लेव का शुभारंभ भी करें। राष्ट्रपति के प्राइवेट सेक्रेटरी पी प्रवीण सिद्धार्थ की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 29 अगस्त को वह सुबह 9 बजे लखनऊ के चारबाग स्टेशन से अयोध्या के लिए प्रेसीडेंशियल ट्रेन से रवाना होंगे। वह सुबह 11:30 बजे अयोध्या जंक्शन पर पहुंचेंगे।
करीब चार घंटे तक अयोध्या में रहेंगे। अपराह्न 3:40 बजे वापस अयोध्या रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे और 3:50 बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे। वह शाम 6 बजे चारबाग स्टेशन पहुंचेंगे। इसके बाद 6:20 पर लखनऊ से प्लेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
कार्यक्रम जारी होने के बाद सोमवार को रेलवे के सहायक मंडल अभियंता वनवारी लाल ने अयोध्या स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान स्टेशन स्टाफ ने उन्हें सिविल कार्य से संबंधित कुछ कमियां बताई।
इस पर उन्होंने अवर अभियंता को इन कमियों को एक सप्ताह के अंदर दूर करने के निर्देश दिए। प्रेसीडेंशियल ट्रेन के काफिले में कुल तीन ट्रेनें होगी। सबसे आगे पायलट ट्रेन होगी। बीच में राष्ट्रपति की प्रेसीडेंशियल ट्रेन होगी होगी। उसके पीछे रेलवे के अधिकारियों की विशेष ट्रेन होगी।
इस दौरान अयोध्या-फैजाबाद रेलवे स्टेशन समेत रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियों व आरपीएफ द्वारा अयोध्या-फैजाबाद रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल के 11 अगस्त को अयोध्या दौरा करने की संभावना है। वह अयोध्या व फैजाबाद रेलवे स्टेशन के साथ रेलवे ट्रैक की भी निरीक्षण करेंगे।
इससे पूर्व लखनऊ मंडल के पूर्व डीआरएम संतय त्रिपाठी का 8 अगस्त को दौरा प्रस्तावित था लेकिन उनके स्थानांतरण के चलते यह दौरा टल गया। अयोध्या में 29 और 30 अगस्त को रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है।
यह कार्यक्रम प्रदेश के पांचों सांस्कृतिक अंचलों अवधांचल, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, बृजांचल और पश्चिमांचल के 16 जिलों में 1 नवंबर तक चलेगा। इसमें भगवान श्रीराम के जीवन के प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। इस पूरे आयोजन में 2500 कलाकार शामिल होंगे। कॉन्क्लेव की समाप्ति के दिन ही भव्य दीपोत्सव का आरंभ होगा।
संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रपति के हाथों से इस भव्य रामायण कॉन्क्लेव का शुभारंभ होगा। इसके अलावा वह रामलला का दर्शन-पूजन कर, मंदिर निर्माण के कार्यों का जायजा भी ले सकते हैं। साथ उनकी अयोध्या के संत महंतों से भी मुलाकात करने की संभावना जताई जा रही है।