अयोध्या। धर्मनगरी में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसको देखते हुए पुलिस विभाग द्वारा बेहतर पुलिसिंग व बेहतर सेवा के मंत्र को अपनाया जा रहा है।
इसके तहत पुलिस अधिकारियों व जवानों को आम जनता व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ उनके साथ अच्छा व्यवहार करने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए साप्ताहिक मोटिवेशन शिविर लगाए जा रहे हैं।
जिसमें काउंसलर व मनोचिकित्सक पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरी अयोध्या को रेड, यलो व ब्लू जोन में बांटा गया है। तीनों जोन में सुरक्षा के पहले से ही सख्त इंतजाम है।
प्रमुख मठ मंदिर जैसे हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, मणिराम दासजी की छावनी व अन्य मंदिरों पर बैरिकेडिंग व मेटल डिटेक्टर डोर लगाकर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।
वर्तमान में रम जन्मभूमि परिसर समेत अयोध्या में सिविल पुलिस के साथ पीएसी की करीब 25 कंपनियों के साथ व सीआरपीएफ की एक यूनिट जिसमें सात कंपनियां होती हैं, तैनात हैं।
मेले आदि में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर यहां एटीएस, आरएएफ भी तैनात किया जाता है। इतने भारी पुलिस बल के समक्ष श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करना चुनौती होती है।
इसको देखते हुए सिविल पुलिस समेत अर्धसैनिक बलों को मोटिवेशन कैंप लगाकर श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करने व बेहतर सेवा करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इसके लिए पुलिस लाइन में साप्ताहिक मोटिवेशन शिविर लगाकर प्रशिक्षित काउंसलरों व मनोचिकित्सकों द्वारा उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा सीआरपीएफ अपने डाभासेमर स्थित कैंप में जवानों को प्रशिक्षण करता है।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
काउंसलर व मनोचिकित्सकों द्वारा उग्र स्वाभाव के पुलिसकर्मियों के व्यवहार में परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अपेक्षित परिणाम भी आ रहे हैं।