शादी होने के तीन माह के अंदर विवाहिता की जलाकर हत्या कर देने के मामले में कोर्ट ने दोषी पाते हुए पति मनीष कुमार शर्मा, जेठ अजय कुमार शर्मा व मनीष के मामा राधेश्याम शर्मा को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने सास सीता देवी शर्मा, ननद पूनम शर्मा व जेठानी ज्योति को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 18 हजार रुपये जुर्माना भी हुआ है। फैसला अपर जिला जज चतुर्थ असद अहमद हाशमी की अदालत से हुआ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभय अवस्थी ने बताया कि बस्ती जिले के रहने वाले ललित शर्मा ने अपनी पुत्री मीना की शादी 27 नवंबर 2011 को मनीष शर्मा निवासी हाजीपुर सिंहपुर थाना कैंट के साथ की थी। शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक दान दहेज भी दिया, इसके बावजूद मीना की ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। इसके लिए विवाहिता को काफी प्रताड़ित भी किया।
दहेज की मांग पूरी न होने पर 26 फरवरी 2012 को ससुराल वालों ने उसे जला दिया। सूचना पर पहुंचे मृतका के पिता ने उसे लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी 5 मार्च 2012 को मौत हो गई।
इसकी रिपोर्ट मृतका के पिता ने सभी लोगों के खिलाफ दहेज के लिए हत्या, दहेज के लिए प्रताड़ित करने समेत अन्य धाराओं में लिखाई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।