चौदहकोसी कोसी परिक्रमा के साथ कार्तिक मेले के पहले पड़ाव का समापन हो गया। अब रविवार सुबह नौ बजे से पंचकोसी परिक्रमा शुरू होगी। इस परिक्रमा को लेकर रामनगरी की धार्मिक परिधि में उत्साह नजर आ रहा है।
इससे पहले 24 घंटे से अधिक समय तक चली चौदहकोसी परिक्रमा में करीब 20 लाख भक्तों ने परिक्रमा कर पुण्य अर्जित किया। परिक्रमा पूरी करने के बाद भक्तों का समूह मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ पड़ा। रामलला, हनुमानगढ़ी, कनकभवन सहित अन्य मठ-मंदिरों में दिन भर भक्तों की कतार लगी रही।
पंचकोसी परिक्रमा के लिए रामनगरी में भक्तों की भारी भीड़ पहुंच चुकी है। पंचकोसी परिक्रमा अयोध्या के 15 किमी की परिधि में होती है। पंचकोसी परिक्रमा का मुहूर्त रविवार सुबह नौ बजे से है जो सोमवार की सुबह 8:42 बजे तक चलेगी।
दो साल तक कोरोना से प्रभावित रही परिक्रमा में इस बार आस्था का ज्वार दिखा। सरयू तट से लेकर मठ-मंदिरों में गूंज रहे जयघोष से भक्तों का जोश व उत्साह परिलक्षित होता दिखा। पूरे दिन व पूरी रात परिक्रमा पथ पर जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा।
पुलिस एवं खुफिया विभाग के मुताबिक चौदहकोसी परिक्रमा में करीब बीस लाख श्रद्धालुओं ने 14 कोस की परिधि नंगे पांव नापकर पुण्य अर्जित किया। शनिवार की सुबह जब भक्तों ने परिक्रमा पूरी कर ली तो भीड़ का कारवां दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों की ओर चल पड़ा। जिन श्रद्धालुओं की परिक्रमा पूरी होती रही, वे मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहे।
शनिवार होने के नाते सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। करीब डेढ़ लाख भक्तों ने शनिवार को हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। भक्तों ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाकर कनकभवन सहित अन्य मंदिरों में भी हाजिरी लगाई। शनिवार को पूरे दिन मठ-मंदिर भक्तों से गुलजार रहे।