अयोध्या। रामनगरी को विश्वस्तरीय पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए विजन डॉक्यूमेंट में एक दिवसीय पर्यटन यात्रा की अवधारणा को विकसित किए जाने की रूपरेखा तय की गई है। इसमें रामनगरी से काशी, प्रयागराज, लखनऊ व गोरखपुर से सीधे तौर पर जोड़े जाएंगे।
इसके लिए आधुनिक सुविधायुक्त पांच हजार बसों के संचालन का प्रस्ताव है। यह दो से साढ़े तीन घंटे में पर्यटकों व श्रद्धालुओं को सीधे रामनगरी पहुंचा देंगी। इन बसों के संचालन के लिए अयोध्या धाम बस स्टेशन का विस्तारीकरण होगा।
यहां पर 200 पार्किंग प्लेटफार्म बनेंगे। अयोध्या को आध्यात्मिक मेगा सिटी व विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी की कवायद में रामनगरी को प्रमुख धार्मिक नगरी से जोड़ा जाना है। इसमें रामनगरी के करीब व अधिक दूरी पर स्थित धार्मिक शहर शामिल हैं।
दूर के शहरों के रेलवे व हवाई सफर की प्रस्ताव विजन डॉक्यूमेंट में है जबकि अयोध्या से करीब के धार्मिक शहरों को सीधे तौर से जोड़ने के लिए एक दिवसीय पर्यटन यात्रा के विकास का खाक खींचा गया है।
इसके लिए अयोध्या के समीपवर्ती दो प्रमुख शहर काशी व प्रयागराज को प्रमुख रुप से जोड़ा जाना है। साथ ही दो अन्य नगरों को लखनऊ व गोरखपुर को सीधे तौर पर जोड़े जाने की बात कही गई है।
इसके लिए चारों शहरों से प्रतिदिन पांच हजार बसों का संचालन होगा। प्रयागराज, काशी व गोरखपुर हाईवे पर बसों के रुकने की व्यवस्था होगी। यह सभी अस्थायी बस स्टेशन अयोध्या धाम बस स्टेशन से जुड़ेंगे।
यहां पर 200 पार्किंग प्लेटफार्म के साथ पांच हजार बसों का संचालन होगा। मौजूदा समय में यहां पर 31 यात्री प्लेटफार्म से बसों का संचालन हो रहा है जबकि 10 अतिरिक्त यात्री प्लेटफार्म हैं।
अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लएि रामनगरी को काशी व मथुरा से सीधे तौर पर भी जल मार्ग से जोड़े जाने की भी तैयारी है। इसमें रामायण कालीन क्रूज चलाए जाएंगे।
इसका संपूर्ण सर्वे हो चुका है। साथ ही प्लान भी तैयार हो चुका है। विमानन प्राधिरकण मौजूदा समय में योजना को मंजूरी लेने में लगा है। दीपोत्सव में इसका उद्घाटन भी प्रस्तावित है
अयोध्या के विजन डॉक्यूमेंट में एक दिवसीय पर्यटन यात्र के लिए चार शहरों से जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इसमें अयोध्या बस स्टेशन का विस्तारीकरण होना है। यहां से पांच हजार बसों का संचालन प्रतिदिन किया जाना है।- विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण