अयोध्या। दीपोत्सव में रामनगरी ने नौ लाख से अधिक दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। दीपोत्सव के जरिए पूरे विश्व में अयोध्या को नई पहचान मिली है।
इसकी पुष्टि तीन दिनों से रामनगरी में उमड़ रहे भक्तों से भी हो रही है। दीपोत्सव के बाद रामनगरी में तीन दिनों के भीतर 1,71,007 भक्तों ने रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन किए हैं।
दीपोत्सव के बाद रामनगरी में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। इसका नजारा रविवार को दिखा जब रामलला के दरबार में 64,580 भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। इसमें 90 प्रतिशत बाहरी श्रद्धालु थे।
पहली पाली में जहां 34,500 वहीं दूसरी पाली में 30,080 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दीपोत्सव की भव्यता अब सभी को आकर्षित कर रही है। तीन दिनों से रामनगरी भक्तों की भीड़ से जाम है।
अन्नकूट के पर्व पर अयोध्या में 67 हजार भक्तों ने रामलला के दर्शन-पूजन किए। दूसरे दिन 6 नवंबर को भी 39,427 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
रामनगरी में उमड़ी भक्तों की भीड़ से जगह-जगह जाम की स्थिति रही। दंतधावनकुंड से लेकर नयाघाट तक लोग घंटो जाम में जूझते दिखे। बहुत सारे भक्तों को दीपोत्सव न देेख पाने का मलाल रहा तो वे छुट्टी में आस्था अर्पित करने अयोध्या पहुंच गए।
दिल्ली से पहुंचे रामनरेश गर्ग ने कहा कि दीपोत्सव में अयोध्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है, यह सुनकर मन प्रसन्न है। लखनऊ निवासी सौरभ सिंह सपरिवार दर्शन को पहुंचे थे। कहा कि दीपोत्सव का लाइव प्रसारण देखा था।
अयोध्या में त्रेतायुग जीवंत होता दिखा। अयोध्या अब जल्द ही अलौकिक नगरी के रूप में विश्व पटल पर स्थापित होने जा रही है। अभी राममंदिर की नींव का दूसरे चरण का काम चल रहा है।
राममंदिर की नींव के ऊपर डेढ़ मीटर मोटी रॉफ्ट ढाली जा रही है। हालांकि दिवाली के अवसर पर सभी मजदूर छुट्टी पर चले गए हैं, इसलिए इस समय काम रुका है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि अभी 9 रॉफ्ट ढाली जा चुकी है। एक दो दिन में मजदूरों के छुट्टी से आते ही काम शुरू हो जाएगा।
20 नवंबर तक रॉफ्ट ढालने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस समय रामलला के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भक्तों में रामलला के दर्शन करने का उत्साह दिख रहा है।
रामनगरी अयोध्या में विकास की कई योजनाओं पर काम चल रहा है लेकिन भीड़ नियंत्रण का प्लान अभी भी प्रशासन नहीं बना पा रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक प्लान की योजना पास तो हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर कोई भी काम शुरू नहीं हुआ है।
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान के तहत पहले चरण में शहर के आठ चौराहों का चयन किया गया था लेकिन डेढ़ साल हो गए हैं यह योजना अभी तक फाइलों में ही कैद है।
अब अयोध्याधाम में दिन प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है ऐसे में इस योजना को लागू किए जाने की आवश्यकता सबसे अधिक हो गई है।