इटावा। आंगनबाड़ी केंद्रों से बंटने वाली पंजीरी, खिचड़ी और दलिया अब जिले में ही तैयार की जाएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इसे तैयार कर वितरित करेंगी।
बकेवर, बादरीपूठ और लछवाई गांव में इसके लिए प्लांट लग रहे हैं। परियोजना के वास्ते जिले के 900 स्वयं सहायता समूहों ने कुल दो करोड़ 70 लाख रुपये जुटाये हैं। जिसमें से 2.10 करोड़ रुपये प्लांट की स्थापना और शेष रकम मैटेरियल पर खर्च होगी।
31 दिसंबर तक प्लांटों को शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। करीब दस हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिले में कुल 1564 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें छह माह से तीन वर्ष के कुल 74,876 व तीन से छह वर्ष के 52,067 बच्चे, 17,716 गर्भवती, 16,879 धात्री महिलाएं और 428 किशोरियां पंजीकृत हैं।
गत महीने तक अति कुपोषित बच्चों की संख्या 5,377 रही है। केंद्रों में पंजीकृत इन लाभार्थियों को फिलहाल नैफेड के माध्यम से दलिया और पंजीरी मुहैया कराई जा रही है, लेकिन इसी महीने से यह पुष्टाहार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों के जरिये उपलब्ध होगा।
बताया जाता है कि एनआरएलएम की देखरेख में प्लांट स्थापित करने का काम काफी तेजी से चल रहा है। यह प्लांट महेवा ब्लॉक के बकेवर, बसरेहर के बादरीपूठ और सैफई के लछवाई गांवों में संचालित होंगे।
केरल की कंपनी पायलट स्मिथ मशीनें लगा रही है। प्रति प्लांट की स्थापना पर 70 लाख रुपये और मैटेरियल पर 20 लाख रुपये मिलाकर कुल 90 लाख रुपये का खर्चा हो रहा।
खास बात यह कि पूरी परियोजना पर आने वाला खर्च महिला समूह उठा रहे हैं। प्रति ब्लॉक में 300 स्वयं सहायता समूह के हिसाब से कुल 900 समूह जोड़े गए हैं। एक समूह में करीब 10-11 सदस्य हैं। लिहाजा लगभग 10 हजार महिलाएं इससे जुड़ी हैं।
ब्लॉक स्तर पर कार्यकारी बॉडी बनाई गई है, जो पुष्टाहार मैटेरियल की साफ सफाई व प्रोसेसिंग से लेकर वितरण का कार्य करेगी।
प्लांट में तैयार पुष्टाहार ब्लॉक स्तर पर मौजूद बाल विकास पुष्टाहार विभाग के परियोजना कार्यालय पर उपलब्ध कराया जाएगा। जहां से वह आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगा।
तीन प्लांटों से जिले भर में होगी आपूर्ति
बकेवर, बादरीपूठ और लछवाई प्लांटों से ही जिले भर में पुष्टाहार की आपूर्ति की जाएगी। जिस ब्लॉक में प्लांट लग रहा, उसके आसपास मौजूद आईसीडीएस के ब्लॉक कार्यालयों तक पहुंचेगा।
जिले में कुल आठ ब्लॉक और नगर क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इस तरह बकेवर प्लांट से महेवा, चकरनगर व भरथना ब्लॉक में, बादरीपूठ से बसरेहर, ताखा और नगर क्षेत्र, लछवाई प्लांट से सैफई, जसवंतनगर व बढ़पुरा ब्लॉकों को कवर किया जाएगा।
ये आइटम होंगे तैयार
प्लांट में दलिया, मूंग की दाल की खिचड़ी और आटा व बेसन की पंजीरी के अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए प्रीमिक्स बर्फी का पाउडर, पौष्टिक चीजों से तैयार लड्डू आदि आइटम शामिल हैं।
अन्य ब्लॉकों में भी प्लांट लगने की संभावना
पहले चरण में उक्त तीन ब्लॉक में प्लांट लगाए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, दूसरे चरण में जिले के शेष ब्लॉक में भी प्लांट लगने की भी संभावना है। हालांकि, अभी ऐसे कोई आदेश नहीं आए हैं।
अभी नहीं आईं मशीनें
प्लांट के लिए इमारतें तो स्थापित हैं, लेकिन यहां पर अभी तक मशीनें नहीं लगी हैं। सैफई ब्लॉक की एक्जीक्यूटिव बॉडी और पंजीकृत संस्था जाग्रति प्रेरणा महिला लघु उद्योग की अध्यक्ष ममता ने बताया कि मशीन लगने के साथ बिजली कनेक्शन का काम अभी बाकी है।
विभाग की देखरेख में काम हो रहे हैं। आईसीडीएस के जरिए जो आर्डर मिलेगा, उसी के अनुसार प्रोडक्शन होगा। महेवा ब्लॉक में बॉके बिहारी संस्था की अध्यक्ष वंदना और बसरेहर में मां गंगा लघु उद्योग की अध्यक्ष शबनम यह जिम्मेदारी उठाएंगी।
महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में शासन का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन का पूरा कार्य एक्जीक्यूटिव बॉडी देखेगी। इसी महीने से प्लांट काम करना शुरू कर देंगे। स्वयं सहायता समूह और कंपनी पायलट स्मिथ के बीच एमओयू (करार) साइन हुआ है।
- बीएम आंबेड, जिला समन्वयक, एनआरएलएम।