इटावा। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों का कार्य सराहनीय है। समूहों की महिलाओं की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण वे अपने कार्यों में प्रगति कर आगे बढ़ रही हैं। इससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो रही है।
जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने विकास भवन में शरद मेले का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। कहा कि आजीविका मिशन और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शरद मेले का प्रयास सराहनीय है।
महिलाएं पुरानी विचार धाराओं के तोड़ते हुए आत्मविश्वास से उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। अब मुरब्बा, पापड़ एवं अचार न बनाकर एलईडी, बिजली बिल कलेक्शन, पुष्टाहार वितरण एवं कोटा राशन वितरण सहित कई क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं।
महिलाओं के आगे आने से समाज में परिवर्तन हुआ है। मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डीएस चौहान ने कहा कि जब तक महिलाओं को बराबरी का अवसर नहीं दिया जाएगा, ग्रामीण विकास अधूरा है।
महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार मजबूत होता है। कहा कि महिलाओं ने पोषण की अद्भुत क्षमता होती है। मेले के आयोजन से क्रय-विक्रय का अनुभव होता है।
सूक्ष्म एवं लघु महाप्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एसएस राव ने कहा कि महिलाओं को बड़े उद्योगपति के रूप में देखना चाहते है। बैंक हमेशा समूह की दीदियों का सहयोग करती है।
उपायुक्त स्वत: रोजगार बृज मोहन अंबेड ने मेला आयोजन के संबंध में पूरी जानकारी दी। डीडीएम नाबार्ड चंदन कुमार ने आभार जताया। संचालन डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन निहारिका शुक्ला ने किया। संगीता ने सरस्वती वंदना की।
बैंक क्रेडिट लिंकेज के प्रमाणपत्र बांटे
डीएम श्रुति सिंह ने 15 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बैंक क्रेडिट लिंकेज स्वीकृति प्रमाणपत्र वितरित किए। इसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 13, बड़ौदा ग्रामीण बैंक द्वारा 2 समूह शामिल है।
सपना, डौली, गीता, बेबी एवं राजकुमारी समेत सभी लाभार्थी महिलाएं मौजूद रहीं। मेले में स्वयं सहायता समूह की सदस्यों द्वारा स्वयं निर्मित उत्कृष्ट गुणवत्तापूर्ण सामग्री के 22 स्टाल लगाए।
इसमें टैडी बियर, मोमबत्ती, जूता-चप्पल, बेमौसम सब्जी, मोर पंख, मोमोज, पेटीज, मसाले, खोया, घी आदि के स्टाल शामिल रहे। मेले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा भावुक और उत्साहजनक प्रस्तुतियां दी गईं।